News Nation Logo
Banner

बुढ़ापे का सहारा है सरकार की रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) स्कीम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

Reverse Mortgage Loan: रिवर्स मॉर्गेज लोन की सुविधा को पाने के लिए पुरुष का 60 वर्ष से अधिक की उम्र का होना बेहद जरूरी है. वहीं अगर महिलाओं की बात करें तो उनके लिए 58 साल की उम्र होना जरूरी है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 15 Sep 2020, 01:51:41 PM
Reverse Mortgage Loan

रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan): अक्सर देखा गया है कि बुढ़ापे में लोगों को आर्थिक संकट का भारी सामना करना पड़ता है. यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब उम्रदराज पति और पत्नी अकेले रह रहे हों और उनके परिवार में कोई दूसरा सदस्य नहीं हो. बता दें कि उम्र बढ़ने के साथ ही व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता में गिरावट आती जाती है. ऐसी स्थिति में उनके पास विकल्प काफी सीमित हो जाते हैं. बुजुर्गों को भारी वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है. आज की इस रिपोर्ट में रिवर्स मॉर्गेज लोन के बारे में चर्चा करेंगे.

यह भी पढ़ें: EPF अकाउंट होल्डर की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर परिवार को मिलेंगे 7 लाख रुपये

रिवर्स मॉर्गेज लोन क्या है - What Is Reverse Mortgage Loan
रिवर्स मॉर्गेज लोन की सुविधा को पाने के लिए पुरुष का 60 वर्ष से अधिक की उम्र का होना बेहद जरूरी है. वहीं अगर महिलाओं की बात करें तो उनके लिए 58 साल की उम्र होना जरूरी है. बता दें कि किसी भी व्यक्ति को होमलोन में घर के सभी कामजात जमा करने पर लोन (Loan) मिल जाता है. उस होम लोन को चुकाने के लिए हर महीने किश्त (EMI) का भुगतान करना पड़ता है. उसी तरह रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) में बैंक आपके घर को गिरवी रख लेते हैं और हर महीने व्यक्ति को एक निश्चित रकम बैंकों के द्वारा दिया जाता है. रिवर्स मॉर्गेज लोन के अंतर्गत आवेदक की मृत्यु हो जाने पर घर बैंक का हो जाता है.

यह भी पढ़ें: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, तय हो गया EPF पर मिलने वाला ब्याज

घर को गिरवी रखकर एक निश्चित रकम देता है बैंक
Reverse Mortgage Loan स्कीम के तहत आवेदक को बैंक को पैसा वापस नहीं करना होता है, जबकि बैंक आपके घर को गिरवी रखकर आपको हर महीने एक निश्चित रकम देता है. हालांकि आपको हर महीने रकम कितनी मिलेगी, यह घर की कीमत पर निर्भर करती है. घर के वैल्युएशन के हिसाब से 60 फीसदी तक कर्ज मिल सकता है. कर्ज लेने के बाद भी घर का मालिक अपने घर पर रह सकता है. जानकारों का कहना है कि इस लोन की सबसे बड़ी खासियत ही यह है.

हालांकि रिवर्स मॉर्गेज स्कीम के तहत घर गिरवी रखने वाले व्यक्ति की मौत के बाद घर बैंक का हो जाता है. अगर उस व्यक्ति के परिजन घर लेना चाहें तो घर की कीमत देकर घर को बैंक से वापस ले सकते हैं. इस स्कीम के तहत बैंक 60 साल की उम्र से अधिक लोगों को ही कर्ज देती है. हालांकि कुछ बैंक 72 साल की उम्र पार करने पर लोन नहीं देते. इस स्कीम के तहत यह लोन 15 साल तक के लिए दिया जाता है. मान लीजिए कि अगर पति-पत्नी दोनों लोग इस लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो पति की उम्र 60 साल और पत्नी की उम्र 58 साल होना बेहद जरूरी है.

यह भी पढ़ें: ज्वैलरी बेचने जा रहे हैं तो जान लीजिए ये गणित, नहीं तो लग सकता है चूना

रिवर्स मॉर्गेज लोन स्कीम ऐसे बुजुर्गों के लिए बेहद उपयोगी है, जिनकी देखभाल करने वाला कोई भी उनके परिवार में नहीं है. या फिर परिवार में उनके बच्चे अलग रहते हैं और उनकी देखभाल के लिए आर्थिक मदद भी मुहैया नहीं कराते हैं. उन बुजुर्गों के लिए रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) बुढ़ापे की लाठी है.

First Published : 15 Sep 2020, 01:48:40 PM

For all the Latest Business News, Personal Finance News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो