News Nation Logo
बाबुल सुप्रियो का संसद की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर दिल्ली के सदर बाजार में आज आतंकी हमलों को लेकर मॉक ड्रिल की गई T20 World Cup: साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया चाहें तो गोली मरवा सकते हैं और कुछ नहीं कर सकते: लालू प्रसाद यादव के बयान पर नीतीश कुमार आर्यन खान की जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई बिजनेस के सिलसिले में उनसे बातचीत होती थी: हैनिक बाफना प्रभाकर ने मेरा नाम क्यों लिया मैं नहीं जानता: हैनिक बाफना भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी आर्यन खान की ओर से कर रहे हैं दलील पेश प्रभाकर को अच्छी तरह जानता हूं: हैनिक बाफना मेरे खिलाफ कोई सुबूत नहीं: हैनिक बाफना अगर सुबूत है तो प्रभाकर लाकर दिखाएं: हैनिक बाफना टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए राहुल द्रविड़ ने किया आवेदन वीवीएस लक्ष्मण के NCA में पदभार संभालने की संभावना आर्यन खान के वकील ने HC में दाखिल किया हलफनामा HC में आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू पश्चिम बंगाल में तंबाकू और निकोटिन वाले गुटखा-पान मसाला एक साल के लिए बैन कोवैक्सीन को मिल सकती है अंतरराष्ट्रीय मंजूरी, डब्ल्यूएचओ की बैठक आज उमर मलिक के बेटे पर यूपी सरकार कसेगी शिकंजा, एडमिशन के नाम पर रेस का आरोप पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कल प्रेसवार्ता कर नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं अरविंद केजरीवाल का ऐलान - यूपी में सरकार बनी तो मुफ्त में अयोध्या की तीर्थ यात्रा कराएंगे

मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) पॉलिसी से हो गए हैं परेशान, तो आप उठा सकते हैं ये कदम

Health Insurance Portability: अगर आप पोर्ट के दौरान हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं तो पुरानी कंपनी की तुलना में नई कंपनी की हेल्थ पॉलिसी के लिए आपको ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 18 Sep 2021, 01:23:55 PM
Health Insurance

Health Insurance (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • IRDAI कस्टमर्स को इंश्योरेंस कंपनी और पॉलिसी को पोर्ट करने की अनुमति देता है
  • पोर्टेबिलिटी से पहले तीन इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान को भी जरूर चेक करना चाहिए

नई दिल्ली:

Health Insurance Portability: अगर आपके पास किसी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस है और आप उस कंपनी की सेवाओं से खुश नहीं हैं तो आप पोर्टेबिलिटी का सहारा ले सकते हैं. दरअसल, अगर आपको लगता है कि आप अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए जितना प्रीमियम जमा करते हैं और कंपनी की ओर से उस हिसाब से सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं. साथ ही आप उस कंपनी की सुविधाओं को लेकर पूरी तरह से असंतुष्ट हो चुके हैं तो आपको बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. आपको बता दें कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI कस्टमर्स को इंश्योरेंस कंपनी और पॉलिसी को पोर्ट करने की अनुमति देता है.

यह भी पढ़ें: LIC की पॉलिसी पर इस तरह ले सकते हैं पर्सनल लोन, नहीं चुकानी पड़ेगी EMI, जानिए क्यों

कम से कम 3 इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान को चेक करना जरूरी
अगर आप अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को पोर्ट कराते हैं तो नई कंपनी प्रीमियम की दर को तय करने के लिए स्वतंत्र होती है. वहीं अगर आप पोर्ट के दौरान हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं तो पुरानी कंपनी की तुलना में नई कंपनी की हेल्थ पॉलिसी के लिए आपको ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है. ऐसे में पॉलिसी को पोर्ट कराने से पहले इन सब बातों के बारे में जानकारी जरूर हासिल कर लेनी चाहिए. साथ ही कम से कम 3 इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान को भी जरूर चेक करना चाहिए. 

जानकारों का कहना है कि अगर कस्टमर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को पोर्ट कराने के लिए मजबूर होता है तो उसके पीछे कई अहम कारण हो सकते हैं. जानकार कहते हैं कि मौजूदा कंपनी के द्वारा सर्विस ठीक से नहीं देना पोर्ट का एक मुख्य कारण हो सकता है. ऐसे में अगर आप अपनी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से खुश नहीं हैं तो आप पोर्ट ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं. प्रीमियम, खराब अनुभव और सर्विस दूसरी कंपनी की ओर झुकाव की मुख्य वजह हो सकता है. इसके अलावा अगर मौजूदा पॉलिसी में कंपनी की ओर से दिया जा रहा कवर आपकी जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है तो भी आप पोर्ट ऑप्शन चुन सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: 7th Pay Commission: इस राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जानिए सैलरी में कितनी हो गई बढ़ोतरी

नवीनीकरण से कम से कम 45 दिन पहले प्रक्रिया शुरू करनी होगी पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया
जानकारों का कहना है कि मौजूदा पॉलिसी में अस्पताल के रूम के किराये की सीमा का कम होना और अगर मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की क्लेम के निपटाने की प्रक्रिया जटिल है तो भी उस पॉलिसी को पोर्ट किया जा सकता है. साथ ही अगर मौजूदा कंपनी डिजिटल फ्रैंडली नहीं है यानी कि वह लंबी और बोझिल प्रक्रियाओं का पालन करती है तो आप अपनी पॉलिसी को पोर्ट कराने का विकल्प चुन सकते हैं. इसके अलावा कंपनी अगर क्लेम की राशि की अदायगी के लिए एक सीमा से ज्यादा समय लेती है तो भी पॉलिसी को पोर्ट कराना ही बेहतर है. साथ ही पारदर्शिता भी पोर्ट कराने के लिए एक अहम कारण है. जानकार कहते हैं कि अगर आप अपनी हेल्थ पॉलिसी को पोर्ट कराना चाहते हैं तो आपको उस पॉलिसी के नवीनीकरण से कम से कम 45 दिन पहले प्रक्रिया शुरू करनी होगी और मौजूदा कंपनी को उसके लिए सूचना देनी होगी. कस्टमर्स को नई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के बारे में सभी तरह की जानकारी को हासिल करनी चाहिए ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो.

First Published : 18 Sep 2021, 01:22:00 PM

For all the Latest Business News, Personal Finance News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.