News Nation Logo
Banner

इन तीन सरकारी कंपनियों को हो सकता है विलय, मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की योजना नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और ओरिएंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी का विलय करके एक कंपनी बनाने की है.

By : Dhirendra Kumar | Updated on: 11 Dec 2019, 02:57:28 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

देश की तीन बड़ी सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों (General Insurance Companies) के विलय को लेकर आज कैबिनेट की बैठक में फैसला होने की संभावना है. केंद्र की नरेंद्र मोदी (Modi Government) सरकार की योजना नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (National Insurance Company), यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (United India
Insurance Company) और ओरिएंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (Oriental India Insurance Company) का विलय करके एक कंपनी बनाने की है.

यह भी पढ़ें: एप्पल को पछाड़ते हुए सऊदी अरामको का शेयर दुनिया में सबसे महंगा

देश की सबसे बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी बन जाएगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर तीनों कंपनियों का विलय होता है तो विलय के बाद बनने वाली कंपनी देश की सबसे बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी बन जाएगी. वित्त मंत्रालय विलय को लेकर हाल ही में एक कैबिनेट नोट जारी कर चुका है. बता दें कि मौजूदा समय में अगर तीनों कंपनियों को आने वाले प्रीमियम की बात करें तो कुल प्रीमियम में तीनों कंपनियों का हिस्सा 25 फीसदी है. केंद्र सरकार विलय के साथ तीनों कंपनियों को करीब 12,500 रुपये देगी. हालांकि यह रकम तीनों कंपनियों की रेग्युलेटरी जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी.

यह भी पढ़ें: दो दिन में यस बैंक का शेयर करीब 27 फीसदी लुढ़का, जानें क्यों आई गिरावट

अगर तीनों कंपनियों के संपत्ति की बात करें तो उनकी संयुक्त रूप से वैल्यू 9,243 करोड़ रुपये है. मौजूदा समय में तीनों कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या 44 हजार है और देशभर में 6 हजार से अधिक ऑफिस हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विलय के बाद बनने वाली कंपनी देश की सबसे बड़ी गैर जीवन बीमा कंपनी हो जाएगी. इस कंपनी का मूल्य 1.25 लाख करोड़ रुपये से 1.5 लाख करोड़ रुपये होगा. बता दें कि मौजूदा समय में तीनों कंपनियों के 200 से अधिक प्रोडक्ट मौजूद हैं.

यह भी पढ़ें: ELSS फंड में निवेश के साथ टैक्स भी बचा सकती हैं कामकाजी महिलाएं, यहां जानें कैसे

जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार के इस फैसले से कंपनियों के मौजूदा ग्राहकों पर बहुत ज्यादा खास फर्क नहीं पड़ेगा. उनकी मौजूदा पॉलिसी के जरिए मिलने वाले फायदे वैसे ही मिलते रहेंगे. हालांकि विलय के बाद उनके सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है.

First Published : 11 Dec 2019, 02:57:28 PM

For all the Latest Business News, Markets News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

×