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अलर्ट! KYC नहीं कराया है तो बंद हो सकता है Demat-ट्रेडिंग अकाउंट, जानिए अब क्या करें

Demat Trading Account: NSDL से मिली जानकारी के मुताबिक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले निवेशकों को नो योर कस्टमर (KYC) प्रक्रिया के तहत 6 जानकारियों को देना जरूरी होता है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 30 Jul 2021, 11:02:51 AM
Demat Account

Demat Account (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • निवेशकों को KYC अपडेट कराने के लिए 31 जुलाई 2021 तक समय दिया गया है 
  • एक जून 2021 के बाद खुलने वाले सभी अकाउंट के लिए 6 जानकारियों को देना जरूरी

नई दिल्ली :

Demat Trading Account: अगर आप शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करते हैं तो यह खबर सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही है. दरअसल, डीमैट (Demat) और ट्रेडिंग (Trading) अकाउंट (Account) को लेकर एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. ताजा मामला यह है कि अगर अकाउंट में KYC से जुड़ी जानकारियां अपडेट नहीं हैं तो आपका अकाउंट बंद हो सकता है. आपको बता दें कि डीमैट और  ट्रेडिंग अकाउंट में अगर नाम, पता, पैन नंबर (PAN), इनकम रेंज (Income Range), वैलिड मोबाइल नबर (Mobile Number), ईमेल आईडी (Email ID) अपडेट नहीं किया हुआ है तो उसे 31 जुलाई यानी शनिवार तक अपडेट करा लीजिए. ऐसा नहीं करने पर आपका डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट को डि-एक्टिवेट (Deactivate) कर दिया जाएगा.

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KYC प्रक्रिया के तहत इन 6 जानकारियों को देना जरूरी
NSDL से मिली जानकारी के मुताबिक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले निवेशकों को नो योर कस्टमर (KYC) प्रक्रिया के तहत 6 जानकारियों को देना जरूरी होता है. इन जानकारियों में नाम, पता, ई-मेल आईडी, पैन डिटेल, मोबाइल नंबर और सालाना इनकम शामिल है. एक जून 2021 के बाद खुलने वाले सभी अकाउंट के लिए इन 6 जानकारियों को देना अनिवार्य कर दिया गया है. निवेशकों को KYC अपडेट कराने के लिए 31 जुलाई तक समय दिया गया है. इन जानकारियों को अपडेट नहीं कराने पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट को डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा और उसके बाद जानकारियों को फिर से अपडेट कराने के बाद दोबारा एक्टिवेट किया जाएगा.

आपको बता दें कि कोरोना काल में निवेशकों का रुझान शेयर बाजार में काफी तेजी से बढ़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE के ताजा आंकड़ों से इसकी पुष्टि भी होती है. NSE से मिली जानकारी के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों से भी कम समय में NSE के प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से अधिक नए निवेशकों का रजिस्ट्रेशन देखने को मिला है और अगर सालाना आधार पर नए रजिस्ट्रेशन को देखें तो इस अवधि में नए रजिस्ट्रेशन में ढाई गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

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शेयरों की खरीद-बिक्री में डीमैट की भूमिका

बता दें कि टेडर्स जो भी शेयर्स (Share) या बॉन्ड (Bomd) खरीदते हैं उसे ही डीमैट में जमा किया जाता है. डीमैट अकाउंट में शेयर्स जमा रहने की वजह से निवेशक इनकी खरीद-बिक्री तेजी से कर सकते हैं. गौरतलब है कि करीब 30 वर्ष पहले डीमैट की सुविधा नहीं थी, उस समय शेयर पेपर फॉर्म में निवेशकों के घर पर पहुंचाए जाते थे. डीमैट के आने के बाद शेयर को डीमैट में ट्रांसफर होने में 1 दिन समय लगता है. इस तरह से Demat Account आपके शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड का हिसाब रखता है. शेयर्स की खरीद-बिक्री में डीमैट अकाउंट की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है. किसी शेयर की खरीद होने के बाद शेयर का हिसाब एक डीमैट अकाउंट से हटाकर दूसरे डीमैट अकाउंट में जोड़ दिया जाता है. हालांकि बैंक अकाउंट के मुकाबले डीमैट अकाउंट की कार्यप्रणाली थोड़ी कठिन है. हर किसी को इस प्रक्रिया को समझने में दिक्कत होती है. बता दें कि शेयर्स की हैंडलिंग (Handling) और स्टोरेज (Storage) का हिसाब-किताब डिपॉजिटरी (Depository) करती है.

First Published : 30 Jul 2021, 10:57:36 AM

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