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मई में भारत का कंज्यूमर कॉन्फिडेंस हुआ सबसे खराब

मासिक पीसीएसआई, जो चार भारित उप-सूचकांकों के एकत्रीकरण द्वारा संचालित होता है, सभी उप-सूचकांकों में गिर गया है.

IANS/News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 23 May 2021, 10:34:15 AM
Middle Class

नौकरियों और अर्थव्यवस्था को लेकर भी निराशा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • रिफाइनिटिव-इप्सोस प्राइमरी कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स गिरा
  • कोविड-19 आशंकाओं के बीच 6.3 प्रतिशत की तेज गिरावट दिखाई है
  • नौकरियों और अर्थव्यवस्था को लेकर विश्वास भी प्रभावित हुआ

नई दिल्ली:

गंभीर कोविड संकट (COVID-19) और राज्यों में इसके परिणामस्वरूप हुए लॉकडाउन के बीच मई में भारत में उपभोक्ताओं का विश्वास और कमजोर हुआ है. मई में भारत के लिए मासिक रिफाइनिटिव-इप्सोस प्राइमरी कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स (पीसीएसआई) ने अप्रैल 2021 में कोविड-19 आशंकाओं के बीच 6.3 प्रतिशत की तेज गिरावट दिखाई है. मासिक पीसीएसआई, जो चार भारित उप-सूचकांकों के एकत्रीकरण द्वारा संचालित होता है, सभी उप-सूचकांकों में गिर गया है. पीसीएसआई एम्प्लॉयमेंट कॉन्फिडेंस सब-इंडेक्स 4.7 प्रतिशत अंक नीचे है, पीसीएसआई करंट पर्सनल फाइनेंशियल कंडीशंस सब-इंडेक्स में 9.0 प्रतिशत अंक की भारी गिरावट आई है. इसके अलावा पीसीएसआई इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट सब-इंडेक्स में 8.4 प्रतिशत अंक की तेजी से गिरावट आई है और पीसीएसआई इकोनॉमिक एक्सपेक्टेशंस सब इंडेक्स में 4.4 प्रतिशत अंक की कमी आई है

इप्सोस इंडिया के सीईओ अमित अदारकर ने कहा, 'दूसरी लहर पहली लहर की तुलना में कहीं अधिक तीव्रता में रही है और हम न केवल हमारे स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे पर इसका भयानक प्रभाव देख रहे हैं, जो मामलों में तेज उछाल के कारण आया है, बल्कि उपभोक्ता भावना पर भी जोर दिया गया है, जो चार उप-सूचकांकों में गिर गया है. विशेष रूप से व्यक्तिगत वित्त के लिए, घर के दैनिक खर्चों के लिए और भविष्य के लिए बचत और निवेश के लिए. उन्होंने कहा, 'नौकरियों और अर्थव्यवस्था को लेकर विश्वास भी प्रभावित हुआ है और अभी, सरकार का ध्यान वायरस को रोकने और लोगों की जान बचाने पर है इसीलिए हम लॉकडाउन और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, लेकिन फिर यह आजीविका और कमाई को भी प्रभावित कर रहा है.'

'यह एक कठिन दुविधा है, लेकिन जीवन को बचाने के लिए बाकी सब चीजों पर प्राथमिकता दी जाएगी और फिर निश्चित रूप से टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाएगी, अब स्पुतनिक वी भी भारत में आ रहा है. हमें अगले 3-4 हफ्तों में कोविड को करीब से देखना होगा और पता लगाएं कि क्या जून से प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं. यदि ऐसा नहीं होता है और टीकाकरण अभियान गति नहीं लेता है, तो हम बहुत धीमी गति से पलटाव देख रहे हैं.

First Published : 23 May 2021, 10:34:15 AM

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