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हवाई किराये में बढ़ोतरी से रॉकेट बन गए एविएशन सेक्टर के शेयर

सरकार के हवाई किराये में बढ़ोतरी के फैसले का असर एविएशन शेयरों पर दिखाई पड़ रहा है. शुक्रवार (12 फरवरी 2021) को इंडिगो (IndiGo) और स्पाइसजेट (SpiceJet) के शेयर इंट्राडे में 7 फीसदी तक उछल गए थे.

Written By : बिजनेस डेस्क | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 13 Feb 2021, 01:49:40 PM
एविएशन सेक्टर (Aviation Sector)

एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) (Photo Credit: newsnation)

highlights

  • मोदी सरकार ने अलग-अलग रूट के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराये को तय किया
  • न्यूनतम किराये में 10 फीसदी तक और अधिकतम किराये में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी 
  • शुक्रवार (12 फरवरी) को इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयर इंट्राडे में 7 फीसदी तक उछले 

नई दिल्ली :

हवाई किराये (Air Fare) बढ़ने की संभावना से एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) के शेयरों (Aviation Shares) में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने अलग-अलग रूट के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराये को तय कर दिया है. सरकार ने न्यूनतम किराये में 10 फीसदी तक और अधिकतम किराये में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है. वहीं सरकार ने यह भी कहा है कि घरेलू उड़ानों का परिचालन 31 मार्च 2021 तक 80 फीसदी क्षमता के साथ जारी रहेगा. सरकार के इस फैसले का असर एविएशन शेयरों पर दिखाई पड़ रहा है. शुक्रवार (12 फरवरी 2021) को इंडिगो (IndiGo) और स्पाइसजेट (SpiceJet) के शेयर इंट्राडे में 7 फीसदी तक उछल गए थे. 

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80 फीसदी क्षमता के साथ फ्लाइट ऑपरेट करने की लगाई गई सीमा को 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया
बता दें कि सरकार ने एयरलाइन कंपनियों पर प्री-कोविड लेवल ( pre-Covid capacity) के मुकाबले अधिकतम 80 फीसदी क्षमता के साथ फ्लाइट ऑपरेट करने की लगाई गई सीमा को 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. अब डेढ़ से दो घंटे हवाई सफर का न्यूनतम किराया 3500 से बढ़कर 3900 रुपये हो गया है. वहीं अगर अधिकतम किराया की बात करें तो 10 हजार से बढ़कर 13 हजार हो गया है. 40 मिनट का न्यूनतम हवाई किराया भी 2000 रुपये से बढ़कर 2200 रुपये हो गया है. 40 मिनटों तक के लिए अधिकतम किराया भी बढ़कर 6 हजार से बढ़कर 7800 रुपये कर दिया गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए घरेलू उड़ान संचालित करने की सीमा कोविड-19 से पहले के स्तर का 80 प्रतिशत, 31 मार्च या ग्रीष्मकालीन सारिणी शुरू होने तक बनी रहेगी. मंत्रालय ने 80 प्रतिशत की सीमा तीन दिसंबर, 2020 को तय की थी. एयरलाइन कंपनियों के लिए मार्च के अंत में ग्रीष्मकालीन सारिणी शुरू होती है. 

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अब 40 से 60 मिनटों के हवाई सफर के लिए न्यूनतम किराया 2500 से बढकर 2800 रुपये अधिकतम किराया कर दिया गया है और 7500 से बढकर 9800 रुपये कर दिया गया है. 60-90 मिनटों के लिए न्यूनतम किराया 3000 से बढकर 3300 रुपये अधिकतम किराया 9000 से बढकर 11700 रुपये। 120-150 मिनटों के लिए न्यूनतम किराया 4500 से बढकर 5000 रुपये अधिकतम किराया और 13000 से बढकर 16900 रुपये कर  दिया गया है.

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First Published : 13 Feb 2021, 01:49:40 PM

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