News Nation Logo

Coronavirus (Covid-19): आनंद महिंद्रा ने मोदी सरकार को लॉकडाउन को हटाने के लिए दिए ये सुझाव

Coronavirus (Covid-19): आनंद महिंद्रा ने कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद नियंत्रण वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संक्रमण का पता लगाने और परीक्षण होना चाहिए, जबकि केवल हॉटस्पॉट और अतिसंवेदनशील वर्ग को ही अलग रखा जाना चाहिये.

PTI | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 29 Apr 2020, 01:33:47 PM
Anand Mahindra

आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  

Coronavirus (Covid-19): महिंद्रा समूह (Mahindra Group) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने सुझाव दिया कि सरकार को कुल 49 दिन के बाद ‘व्यापक’ स्तर पर लॉकडाउन (Lockdown) ‘व्यापक’ स्तर पर उठा लेना चाहिये. उनका कहना है कि यदि देश के विभिन्न हिस्सों में ‘‘धीरे धीरे लॉकडाउन को उठता’’ है तो औद्योगिक गतिविधियां चलाना मुश्किल होगा और इसकी गति धीमी होंगी.

यह भी पढ़ें: Coronavirus (Covid-19): टाटा की इस कंपनी के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा इंसेंटिव

सरकार के लिए लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बनाना काफी चुनौतीपूर्ण
महिन्द्रा ने माना कि सरकार के लिये लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बनाना काफी चुनौतीपूर्ण काम है क्योंकि अर्थव्यवस्था की तमाम चीजें एक दूसरे से काफी कुछ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि आगे की योजना बड़े पैमाने पर संक्रमण को नियंत्रित करने और परीक्षण करने पर आधारित होनी चाहिये. केवल हॉटस्पॉट और जनता के अतिसंवेदनशील समूह को ही अलग रखा जाना चाहिये.

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन में SBI सिर्फ 45 मिनट में दे रहा है सबसे सस्ता लोन, 6 महीने तक EMI भी नहीं देना होगा

आनंद महिन्द्रा ने कई ट्वीट करते हुये कहा है कि शोध से पता चलता है कि 49 दिन का लॉकडाउन बहुत है. यदि सही है तो यह अवधि तय होनी चाहिये, मेरा मानना है कि लॉकडाउन यदि उठाया जाता है तो यह व्यापक स्तर पर होना चाहिये. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद ‘‘नियंत्रण वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संक्रमण का पता लगाने और परीक्षण होना चाहिये जबकि केवल हॉटस्पॉट और जनता के अतिसंवेदनशील वर्ग को ही अलग रखा जाना चाहिये. लॉकडाउन बाद की यही रणनीति होनी चाहिये.

यह भी पढ़ें: Coronavirus (Covid-19): मूडीज (Moody's) ने भारत की GDP को लेकर जारी किया नया अनुमान

महिन्द्रा ने कहा कि यदि लॉकडाउन को धीरे धीरे अलग अलग क्षेत्रों में उठाया जाता है इसका मतलब होगा कि औद्योगिक गतिविधियों को चलाना काफी मुश्किल होगा. जहां तक विनिर्माण कल कारखानों की बात है उसमें यदि एक फीडर कारखाना भी बंद रहता है तो उत्पाद अंतिम स्वरूप नहीं ले पायेगा. देश में 25 मार्च से सार्वजनिक पाबंदी लागू है. इसे दो चरणों में 3 मई तक लागू किया गया है. 20 अप्रैल से ग्रामीण अंचलों में कारखानों और कुछ अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को विनिर्दिष्ट सावधानी तथा राज्यों के निर्देशानुसार पुन: जारी करने की छूट दी गयी है.

First Published : 29 Apr 2020, 01:33:47 PM

For all the Latest Business News, Markets News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.