क्यों गिर रहे हैं चांदी के दाम? समझिए गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें

Silver Prices Falling: हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. एक समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी चांदी अब निवेशकों को हैरान कर रही है. घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक इसके दामों पर दबाव बना हुआ है.

Silver Prices Falling: हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. एक समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी चांदी अब निवेशकों को हैरान कर रही है. घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक इसके दामों पर दबाव बना हुआ है.

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Dheeraj Sharma
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Silver Price Falling

Silver Prices Falling: हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. एक समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी चांदी अब निवेशकों को हैरान कर रही है. घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक इसके दामों पर दबाव बना हुआ है. सवाल यह है कि आखिर चांदी के दाम गिर क्यों रहे हैं? आइए, आसान भाषा में इसके कारण समझते हैं.

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1.रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली

चांदी ने हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई को छुआ था. ऐसे में बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी. जब एक साथ बड़ी मात्रा में बिक्री होती है, तो कीमतों में तेज गिरावट देखी जाती है. यह बाजार का सामान्य चक्र माना जाता है.

2. डॉलर की मजबूती का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत डॉलर में तय होती है. हाल के समय में डॉलर मजबूत हुआ है. मजबूत डॉलर का मतलब है कि अन्य देशों के निवेशकों के लिए चांदी महंगी हो जाती है, जिससे मांग घटती है और दाम नीचे आने लगते हैं.

3. ब्याज दरों को लेकर बदला माहौल

अमेरिका और अन्य विकसित देशों में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की संभावना बनी हुई है. जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोना-चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर बॉन्ड या अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं. इससे चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है.

4. औद्योगिक मांग में सुस्ती

चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों में भी होता है. वैश्विक आर्थिक सुस्ती और कुछ देशों में उत्पादन धीमा होने से औद्योगिक मांग पर असर पड़ा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.

5. ETF और फ्यूचर्स बाजार में बिकवाली

चांदी आधारित ETF और फ्यूचर्स बाजार में भी निवेशकों ने अपनी होल्डिंग घटाई है. मार्जिन नियमों में सख्ती और अस्थिरता के डर से कई निवेशक बाहर निकले, जिससे गिरावट और तेज हो गई.

6. तकनीकी कारण और बाजार की अस्थिरता

चांदी का बाजार सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला होता है. जैसे ही कुछ अहम सपोर्ट लेवल टूटे, ऑटोमैटिक सेल ऑर्डर ट्रिगर हो गए और कीमतें तेजी से नीचे फिसल गईं.

चांदी के दामों में गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों के संयुक्त असर से आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल एक करेक्शन हो सकती है. हालांकि, निवेशकों को आगे कदम बढ़ाने से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है.

क्या ये निवेश का सही समय है?

सोना या फिर चांदी दोनों धातुएं इन दिनों अपने कीमतों को लेकर खासी चर्चा में हैं. खास तौर पर निवेशक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इसमें निवेश का सही समय क्या है. कब खरीदें और कब बेचें. ऐेसे में जानकारों की मानें तो लंबे समय के लिए सोच रहे हैं तो  चांदी अभी भी निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा हो सकती है.

विशेष रूप से यदि आप हेज और इंडस्ट्रियल डिमांड वाले एसेट्स चाहते हैं. वहीं अगर आप अल्पकालिक गेन के लिए सोच रहे हैं तो अभी कीमतें उंची हैं, इसलिए सिर्फ short-term profit के लिए निवेश जोखिम भरा हो सकता है. 

सबसे जरूरी बात,  कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना बेहतर है, ताकि आपकी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार सही रणनीति बनायी जा सके. 

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