अमेरिकी टैरिफ कटौती से भारतीय निर्यात में आएगा भारी उछाल, फिर शुरू होगा 48 अरब डॉलर का व्यापार

US-India Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद एक बार फिर से भारतीय निर्यात में तेजी आने का अनुमान है. मंगलवार को ट्रेड डील का असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला.

US-India Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद एक बार फिर से भारतीय निर्यात में तेजी आने का अनुमान है. मंगलवार को ट्रेड डील का असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला.

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Syyed Aamir Husain
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अमेरिकी टैरिफ हटने से बढ़ेगा भारतीय निर्यात Photograph: (DD/WhiteHouse)

अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. अमेरिकी टैरिफ कटौती का व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने किया स्वागत. माना जा रहा है कि अमेरिका की इस कटौती से भारत का निर्यात 48 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है. टैरिफ कटौती का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला. शेयर बाजार मंगलवार को शानदार तेजी देखने को मिली.

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ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में भारी उछाल

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था उसके बाद से ही भारत के शेयर बाजार में गिरावट के साथ उथलपुथल मचा हुआ था और अस्थिरता बनी हुई थी. यही नहीं विदेशी निवेशकों ने भी पिछले दिनों भारत के शेयर बाजार से हाथ खींच लिया था. मंगलवार को जैसे ही डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ कटौती की घोषणा की, भारत का शेयर बाजार झूम उठा और सेंसेक्स निफ्टी में जबरदस्त तेजी देखी गई.

वहीं अमेरिका में कारोबार करने वाली तमाम कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. अडाणी ग्रुप की तमाम कंपनियों अडाणी पोर्ट, अडाणी ग्रीन, अडाणी एनर्जी आदि के शेयरों में 8-10 % की तेजी देखने को मिली. इसके अलावा भारत फोर्ज, मदरसन्स, सोना BLW आदि के शेयरों में भी अच्छी खासी तेजी देखी गई. अमेरिकी टैरिफ कटौती के बाद एक बार फिर से विदेशों निवेशकों ने भारत के शेयर बाजार में रूचि दिखाई है और अच्छी खासी खरीददारी की.

अमेरिका ने भारत पर लगाया था 50 फीसदी टैरिफ

बता दें कि अमेरिका के 50% टैरिफ का भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, फार्मा, सीफूड, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि सेक्टरों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा था और इससे देश में 10 लाख लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया था. दरअसल, बढ़े हुए टैरिफ के चलते दूसरे देशों के मुकाबले में भारतीय माल अमेरिका में 35 प्रतिशत तक महंगा हो गया था, जिसके कारण वहां के खरीददार भारत के मुकाबले में दूसरे देशों को तवज्जो देने लगे थे. सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अमेरिकी टैरिफ के चलते 48 अरब डॉलर से ज्यादा का भारतीय निर्यात प्रभावित हो गया था.

किस सेक्टर में अमेरिका को कितना निर्यात?

भारत अमेरिका को 53 प्रतिशत फार्मास्युटिकल, 53 फीसदी वस्त्र एवं परिधान, 37% रत्न और आभूषण, 28 प्रतिशत ऑटो कंपोनेंट, 13 फीसदी केमिकल और 22 प्रतिशत सीफूड आदि का निर्यात करता है. बता दें कि भारत ने 2024 में अमेरिका को 1.7 लाख करोड़ के इंजीनियरिंग गुड्स निर्यात किए थे. जिसमें स्टील प्रॉडक्ट्स, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स आदि शामिल होते हैं.

वहीं भारत अमेरिका से मिनरल्स, महंगे रत्न, आभूषण, सिक्के, मेटल्स, न्यूक्लियर रिएक्टर्स और हवाई जहाज के उपकरण, इलेक्ट्रिकल उपकरण, ऑप्टिकल उपकरण, प्लास्टिक, केमिकल, नट्स ड्राईफ्रूट्स, आयरन, स्टील आदि सामान बड़े लेवल पर मंगाता है.

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