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केंद्र ने पूर्वव्यापी कर खंड को रद्द करने के लिए नियमों को किया अधिसूचित

केंद्र ने पूर्वव्यापी कर खंड को रद्द करने के लिए नियमों को किया अधिसूचित

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 02 Oct 2021, 05:45:01 PM
Tax

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 को लागू करने के लिए नियमों को अधिसूचित किया है।

इसके अनुसार, 1 अक्टूबर 2021 को अधिसूचित संशोधन विधेयक, विवादास्पद पूर्वव्यापी कर मांग प्रावधानों को समाप्त करने में सक्षम होगा।

संसद के मानसून सत्र में इसे पारित कर दिया गया।

गौरतलब है कि बिल की अधिसूचना से यूके की केयर्न एनर्जी और वोडाफोन पीएलसी के साथ लंबे समय से चल रहे कर विवादों के समाप्त होने की उम्मीद है।

विधेयक ने आयकर अधिनियम, 1961 में संशोधन किया है ताकि यह प्रावधान किया जा सके कि भारतीय संपत्ति के किसी भी अप्रत्यक्ष हस्तांतरण के लिए उक्त पूर्वव्यापी संशोधन के आधार पर भविष्य में कोई कर मांग नहीं उठाई जाएगी, यदि लेनदेन 28 मई, 2012 से पहले किया गया था - जब वित्त विधेयक 2012 में संसद द्वारा पारित किया गया था।

वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, 2021 अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि 28 मई 2012 से पहले की गई भारतीय संपत्ति के अपतटीय अप्रत्यक्ष हस्तांतरण की मांग को निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने पर रद्द कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, इन मामलों में भुगतान या एकत्र की गई राशि बिना किसी ब्याज के वापस की जाएगी।

यह विधेयक केयर्न एनर्जी और वोडाफोन पीएलसी की मध्यस्थता को दूर करने और सरकार के साथ लंबे समय से चले आ रहे कर विवादों को निपटाने के लिए भूमिका निभाएगा।

हेग में एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने केयर्न एनर्जी पीएलसी और केयर्न यूके होल्डिंग्स लिमिटेड (सीयूएचएल) के पक्ष में 21 दिसंबर, 2020 को अपना फैसला सुनाया था, जिससे भारत सरकार 1.2 अरब डॉलर के मध्यस्थता पुरस्कार का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी थी।

हाल ही में, सरकार ने संसद में पुष्टि की कि एक फ्रांसीसी अदालत ने केयर्न मध्यस्थता पुरस्कार से संबंधित मामले में भारत सरकार की कुछ संपत्तियों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा, वोडाफोन मध्यस्थता मामले में, हेग में स्थायी मध्यस्थता अदालत ने पिछले साल कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था।

अदालत ने फैसला सुनाया कि भारत के कर विभाग का आचरण निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यवहार का उल्लंघन है, जिससे वोडाफोन भारतीय अधिकारियों द्वारा उठाए गए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूर्वव्यापी कर मांग का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 02 Oct 2021, 05:45:01 PM

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