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सीआरपीएफ ने 630 लोगों को मानव तस्करों से बचाया

सीआरपीएफ ने 630 लोगों को मानव तस्करों से बचाया

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 06 Jan 2022, 09:35:02 PM
Gurugram CRPF

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: रेलवे के मिशन जीवन रक्षा के तहत आरपीएफ कर्मियों द्वारा पिछले एक साल में 601 लोगों की जान बचाई गई। इसके साथ ही 630 लोगों को मानव तस्करों से बचाया गया। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 244 मेरी सहेली टीमों को तैनात किया गया।

मंत्रालय के अनुसार रेलवे संपत्ति, यात्री क्षेत्र और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वाली रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। यह भारतीय रेलवे को अपने ग्राहकों को सुरक्षित माल परिवहन सेवा प्रदान करने में मदद करता है। आरपीएफ ने निवारक उपायों के साथ-साथ रेलवे संपत्ति के खिलाफ अपराध का पता लगाने के उपाय करके देशभर में फैले रेलवे की विशाल संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। यह आंतरिक सुरक्षा, कानून और व्यवस्था के रखरखाव और राष्ट्रीय और राज्य चुनावों के दौरान बंदोबस्त प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड में एक महत्वपूर्ण हितधारक बन गया है।

साल 2021 के दौरान आरपीएफ ने कोविड के प्रसार को रोकने के लिए महामारी के दौरान 522 ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेनों को मूल स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचाया। प्रमुख स्टेशनों पर कोविड हेल्प बूथ चालू किए गए।

साल 2021 के दौरान, 26 आरपीएफ कर्मियों की कोविड संक्रमण के कारण ड्यूटी पर मौत हो गई। आरपीएफ कर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना, 601 व्यक्तियों को बचाया। 2 मार्च 2021 को भरवारी रेलवे स्टेशन पर एक सुरक्षाकर्मी ने मिशन जीवन रक्षा के तहत आत्महत्या कर रही एक महिला को जान पर खेलकर बचाया। पिछले चार वर्षों में रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ कर्मियों ने चलती ट्रेनों के पहियों से 1650 लोगों की जान बचाई है। पिछले 4 वर्षों में जीवन बचाने में उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा आरपीएफ कर्मियों को 09 जीवन रक्षा पदक और एक वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।

महिला सुरक्षा -

लंबी दूरी की ट्रेनों में विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वाली या अपराध की चपेट में आने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक पहल मेरी सहेली शुरू की गई थी। आरपीएफ ने इस उद्देश्य के लिए पूरे भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 244 मेरी सहेली टीमों को तैनात किया है। आरपीएफ इन महिला यात्रियों से उनकी यात्रा के अंत में प्रतिक्रिया एकत्र करता है, ताकि पहल की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके और इसे और बेहतर बनाया जा सके। महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई निवारण किए जाते हैं। जैसे- ट्रेन एस्कॉटिर्ंग, 840 स्टेशनों पर सीसीटीवी प्रणाली और महिला विशेष उपनगरीय ट्रेनों में महिला एस्कॉर्ट, महिला कोचों में अनधिकृत यात्रियों के खिलाफ नियमित अभियान आदि भी लागू किए जा रहे हैं।

मानव तस्करी -

रेल परिवहन के माध्यम से मानव तस्करी के मामलों में आरपीएफ तत्काल प्रतिक्रिया देता है और इस खतरे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2021 के दौरान आरपीएफ ने 630 व्यक्तियों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इसमें 54 महिलाएं, 94 नाबालिग लड़कियां, 81 पुरुष और 401 नाबालिग लड़के शामिल हैं।

बाल बचाव -

आरपीएफ ने अपने परिवार से कई कारणों से खोए व अलग हुए बच्चों को फिर से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भारतीय रेलवे के संपर्क में आए 11,900 से अधिक बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है। 132 चाइल्ड हेल्प डेस्क देश भर में कार्यरत हैं, जिसमें आरपीएफ बच्चों के बचाव के लिए नामित एनजीओ के साथ काम करता है।

यात्रियों के खिलाफ अपराध में शामिल अपराधी के खिलाफ कार्रवाई-

पुलिसिंग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है, जिसे वे रेलवे पर जीआरपी/जिला पुलिस के माध्यम से निर्वहन करते हैं। आरपीएफ रेल यात्रियों के खिलाफ अपराध की रोकथाम/पता लगाने में पुलिस के प्रयासों को पूरा करता है। वर्ष 2021 के दौरान आरपीएफ ने यात्रियों के खिलाफ अपराध में शामिल 3000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार कर संबंधित जीआरपी/पुलिस को सौंप दिया।

नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई -

2019 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 15.7 करोड़ के नशीले पदार्थों की वसूली में सफलता प्राप्त की। 2021 के दौरान 620 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया।

वन्यजीव तस्करों के खिलाफ कार्रवाई-

वन्य जीवों और जानवरों के अंगों की तस्करी प्रकृति के खिलाफ अपराध है। आरपीएफ इस मुद्दे पर सक्रिय है और वन्यजीवों के अवैध व्यापार में शामिल तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2021 के दौरान, आरपीएफ ने कई प्रतिबंधित वन्य जीवन अर्थात पक्षी, सांप, कछुआ, मोर, सरीसृप आदि और उनके प्रसंस्कृत उत्पादों के साथ-साथ चंदन की लकड़ी और अन्य वनस्पतियों और जीवों को बरामद किया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 06 Jan 2022, 09:35:02 PM

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