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ईसीजीसी को 5 साल की अवधि में मिलेगी 4400 करोड़ रुपये की पूंजी (लीड-1)

ईसीजीसी को 5 साल की अवधि में मिलेगी 4400 करोड़ रुपये की पूंजी (लीड-1)

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 29 Sep 2021, 08:05:01 PM
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(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली/चेन्नई: केंद्र ने बुधवार को ईसीजीसी, जिसे पहले भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम के नाम से जाना जाता था, को पांच साल की अवधि में 4,400 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को मंजूरी दी।

निवेश वित्त वर्ष 2021-2022 से वित्त वर्ष 2025-2026 तक किया जाएगा।

ईसीजीसी में पूंजी डाले जाने के साथ आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए सूचीबद्ध होने से कंपनी की जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ेगी।

अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एम. सेंथिलनाथन ने पहले आईएएनएस को बताया था, फिलहाल कंपनी की अधिकतम देनदारी करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये होगी। 4,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी के साथ, अधिकतम देनदारी जो अंडरराइट की जा सकती है, वह लगभग 2 लाख करोड़ रुपये होगी। कंपनी की कुल संपत्ति 5,600 करोड़ रुपये है।

उनके मुताबिक, कंपनी का मौजूदा इक्विटी बेस 3,450 करोड़ रुपये है और सॉल्वेंसी रेशियो 1.5 गुना के निर्धारित स्तर के मुकाबले करीब 10-11 गुना होगा।

ईसीजीसी क्रेडिट बीमा सेवाएं प्रदान करके निर्यात को बढ़ावा देता है। इसके उत्पाद भारत के व्यापारिक निर्यात का लगभग 30 प्रतिशत समर्थन करते हैं।

बुधवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ईसीजीसी श्रम प्रधान क्षेत्रों से निर्यात का समर्थन करने और छोटे निर्यातकों के उद्यमों को बैंक ऋण देने को प्रोत्साहित करने में एक व्यापक भूमिका निभाता है, जिससे उनका पुनरुद्धार होता है। ईसीजीसी में पूंजी डालने से यह निर्यात-उन्मुख उद्योग, विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों में अपने कवरेज का विस्तार करने में सक्षम होगा।

बयान के अनुसार, स्वीकृत राशि को किश्तों में डाला जाएगा, जिससे 88 हजार करोड़ रुपये तक के जोखिमों को कम करने की क्षमता में वृद्धि होगी और यह ईसीजीसी को कवर जारी करने में सक्षम बनाएगा, जो मौजूदा पैटर्न के साथ पांच साल की अवधि में 5.28 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निर्यात का समर्थन कर सकता है।

एनईआईए में पूंजी डाले जाने से 2.6 लाख नये रोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी। इसमें 12,000 नौकरियां संगठित क्षेत्र में होंगी।

ईसीजीसी का गठन वाणिज्यिक और राजनीतिक कारणों से विदेशी खरीदारों द्वारा भुगतान नहीं होने की स्थिति में निर्यातकों को कर्ज बीमा सेवाएं प्रदान करके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। यह कर्ज लेने वाले निर्यातकों के मामले में जोखिम से बचाव को लेकर बैंकों को भी बीमा प्रदान करती है।

ईसीजीसी में पूंजी डाले जाने से कंपनी निर्यात उन्मुख उद्योग खासकर श्रम गहन क्षेत्रों में अपना दायरा बढ़ा सकेगी।

कारोबार के बारे में बात करते हुए सेंथिलनाथन ने कहा था कि कोविड-19 महामारी ने निर्यात और कंपनी के कारोबार को प्रभावित किया है।

वित्त वर्ष 2021 के लिए, कंपनी ने 1,062 करोड़ रुपये का प्रीमियम अर्जित किया था और दावों का खर्च लगभग 900 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये रहा।

वहीं वित्त वर्ष 2020 के लिए प्रीमियम आय 1,075 करोड़ रुपये थी और दावा लगभग 400 करोड़ रुपये था।

सेंथिलनाथन ने कहा, बाजार में सुधार हो रहा है। हम सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद कर रहे हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 29 Sep 2021, 08:05:01 PM

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