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सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी FDI पर बरसी कांग्रेस, पूछा-कहां गया मोदी का 'मेक इन इंडिया' का नारा

सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर 'दोहरा मापदंड' रखने का आरोप लगाया है।

News Nation Bureau | Edited By : Abhishek Parashar | Updated on: 11 Jan 2018, 09:53:11 AM
सिंगल ब्रांड रिटेल में FDI ढील से खुली मेक इन इंडिया की पोल (फाइल फोटो)

सिंगल ब्रांड रिटेल में FDI ढील से खुली मेक इन इंडिया की पोल (फाइल फोटो)

highlights

  • सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी एफडीआई पर कांग्रेस ने बीजेपी पर 'दोहरा मापदंड' रखने का आरोप लगाया है
  • कांग्रेस ने सिंगल ब्रांड रिटेल में 30 फीसदी आउटसोर्सिंग प्रावधान में नरमी दिए जाने को लेकर हमला बोला है

नई दिल्ली:

सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर 'दोहरा मापदंड' रखने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस ने सिंगल ब्रांड रिटेल में 30 फीसदी आउटसोर्सिंग प्रावधान में नरमी दिए जाने को लेकर हमला बोला है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यूपीए के दौरान सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी एफडीआई का प्रावधान किया गया था और मौजूदा सरकार ने इसमें एक बदलाव करते हुए इसे ऑटोमेटिक कर दिया है।

गौरतलब है कि वर्तमान एफडीआई नीति के तहत सिंगल ब्रांड रिटेल व्यापार में 49 फीसदी का निवेश ऑटोमेटिक रूट से तथा उससे अधिक का निवेश 100 फीसदी तक सरकार की मंजूरी के बाद करने का प्रावधान था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मेक इन इंडिया की बात करते हैं लेकिन अब इसके लिए स्थानीय तौर पर खरीदारी अनिवार्य नहीं है।' उन्होंने कहा कि सरकार को मल्टी ब्रांड रिटेल में नीति को लेकर सफाई देनी चाहिए।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि 30 फीसदी स्थानीय खरीदारी की जरूरत को हटाए जाने पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से मेक इन इंडिया पर उसकी दोमुंही नीति की पोल खुल गई है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और ट्रेडर्स को नुकसान पहुंचाया है।

पार्टी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरपीएन सिंह ने कहा कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तब उन्होंने यूपीए के फैसले का विरोध किया था। लेकिन अब वह सत्ता में है, तो उन्होंने स्थानीय खरीदारी की अनिवार्य शर्त को खत्म कर दिया है।

उन्होंने पूछा, 'यूपीए के दौरान हमने भारत के भीतर खरीदारी जैसे सुरक्षा के प्रावधान रखे थे। आज प्रधानमंत्री ने इसे खत्म कर दिया है। क्या यही मेक इन इंडिया है?'

सरकार के इस फैसले के बाद सिंगल ब्रांड रिटेल में विदेशी कंपनियों को अब सरकार की मंजूरी के बिना देश में अपना स्टोर खोलने की अनुमति होगी।

विरोध में उतरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केंद्र सरकार के एकल ब्रांड खुदरा व्यापार में स्वचालित मार्ग के जरिए 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति देने के फैसले की निंदा की है।

माकपा ने चेतावनी दी कि इससे घरेलू खुदरा व्यापारियों और दुकानदारों को हानिकारक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अबतक स्वचालित मार्ग के तहत 49 फीसदी तक एफडीआई की इजाजत थी।

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माकपा ने एक बयान में कहा, 'खुदरा व्यापार में एफडीआई को आजादी देने वाला यह कदम घरेलू खुदरा व्यापारियों और दुकानदारों के लिए हानिकारक परिणाम ला सकता है।'
बयान में कहा गया है, 'यह कदम दर्शाता है कि मोदी सरकार बहु-ब्रांड खुदरा व्यापार में एफडीआई को लागू करने की ओर अग्रसर है।'

माकपा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी विपक्ष में थी तो वह खुदरा व्यापार में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध करती थी, और अब सरकार में आते ही उसने पाखंडपूर्ण ढंग से अपनी स्थिति बदल ली।

माकपा ने एयर इंडिया में विदेशी विमानन कंपनियों को 49 फीसदी तक निवेश करने की इजाजत देने की भी कड़ी आलोचना की है।

माकपा ने कहा, 'एयर इंडिया के निजीकरण का फैसला दिखाता है कि मोदी सरकार अब एयर इंडिया को एक विदेशी विमानन कंपनी को हस्तांतरित करने की ओर अग्रसर है।'

बजट से पहले FDI सुधारों की झड़ी

बजट से ठीक पहले आर्थिक सुधारों को गति देते हुए केंद्र सरकार ने कई अहम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को बढ़ा दिया है।

कर्ज से लदी एयर इंडिया में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दिए जाने के साथ ही रिटेल और कंस्ट्रक्शन में भी एफडीआई निवेश की सीमा को बढ़ा दिया गया है।

बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार (एसबीआरटी) और कंस्ट्रक्शन में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी गई।

इसके अलावा सरकार ने यह भी निर्णय लिया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को पॉवर एक्सचेंज में प्राथमिक बाजार के माध्यम से मौका दिया जाए और एफडीआई नीति में 'मेडिकल डिवाइसों' की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है।

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First Published : 10 Jan 2018, 08:07:01 PM

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