News Nation Logo

मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेगा RSS का ये संगठन, जानिए क्या है वजह

भारतीय मजदूर संघ ने मोदी सरकार के ऊपर महंगाई को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है. भारतीय मजदूर संघ ने बढ़ती महंगाई के विरोध में 9 सितंबर 2021 को देशव्यापी प्रदर्शन करने का फैसला किया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 01 Sep 2021, 02:05:31 PM
Bharatiya Mazdoor Sangh

Bharatiya Mazdoor Sangh (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • भारतीय मजदूर संघ ने मोदी सरकार के ऊपर महंगाई को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया
  • भारतीय मजदूर संघ ने बढ़ती महंगाई के विरोध में 9 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन करने का फैसला किया

नई दिल्ली :

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS-Rashtriya Swayamsevak Sangh) का एक संगठन सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहा है. महंगाई के मुद्दे को लेकर RSS का संगठन भारतीय मजदूर संघ (Bharatiya Mazdoor Sangh) महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरने जा रहा है. भारतीय मजदूर संघ ने मोदी सरकार के ऊपर महंगाई को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है. भारतीय मजदूर संघ ने बढ़ती महंगाई के विरोध में 9 सितंबर 2021 को देशव्यापी प्रदर्शन करने का फैसला किया है. साथ ही केंद्र सरकार के 70 PSU को मोनेटाइजेशन करने के विरोध में भी भारतीय मजदूर संघ 2 नवंबर 2021 को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा.

यह भी पढ़ें: पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों को दी बड़ी खुशखबरी, लोन पर लगने वाले प्रोसेसिंग चार्ज को कर दिया जीरो

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि मोदी सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों की नीतियों की वजह से महंगाई पर लगाम नहीं लग पा रही है. इसके अलावा सरकार में बैठे हुए लोग महंगाई से निपटने को लेकर सही फैसले नहीं ले पा रहे हैं. भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि एक जिम्मेदार श्रमिक संगठन होने की वजह से हमारे संगठन का धर्म है कि हम सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करें. संगठन का कहना है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 70 पीएसयू को मोनेटाइजेशन का जो फैसला लिया है वह हमारे संगठन को नीतिगत रूप स्वीकार नहीं है. 

भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि फंड को जुटाने के लिए सरकारी संस्थाओं का मोनेटाइजेशन करना गहना बेच कर घर चलाने के जैसा है. संगठन का कहना है कि मोदी सरकार जमीनी हकीकत को बिल्कुल भी नहीं देख रही है और सिर्फ विशेषज्ञों की सलाह पर भरोसा करके फैसले लिए जा रहे हैं. भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि वह इसको कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

First Published : 01 Sep 2021, 02:02:41 PM

For all the Latest Business News, Economy News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.