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पंजाब में पैदावार से ज्यादा हो गई धान की खरीद, सरकार कराएगी जांच

चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में पंजाब में धान की सरकारी खरीद उत्पादन के मुकाबले ज्यादा हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे राइस मिलों में रखे गए पुराने धान की दोबारा खरीद हो सकती है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 13 Mar 2021, 10:51:08 AM
Paddy Latest News

Paddy Latest News (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • राइस मिलों में रखे गए पुराने धान की दोबारा खरीद, दूसरे राज्यों से सस्ता धान लाकर पंजाब में बेचने की आशंका
  • 673.53 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन 

नई दिल्ली:

Paddy Latest News: कृषि कानूनों को लेकर देशभर में जहां एक ओर किसानों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है वहीं दूसरी ओर पंजाब से एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. दरअसल, चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में पंजाब में धान की सरकारी खरीद उत्पादन के मुकाबले ज्यादा हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे राइस मिलों में रखे गए पुराने धान की दोबारा खरीद हो सकती है या फिर दूसरे राज्यों से सस्ता धान लाकर पंजाब में बेचने की आशंका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस धांधली की जांच के लिए धान के पुराने पन की जांच कराने का निर्णय लिया है. बता दें कि 8 मार्च 2021 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 673.53 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 589.46 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी. इस वर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुकाबले 14.26 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 

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धान की कुल सरकारी खरीद में पंजाब का 30.11 प्रतिशत हिस्सा
बता दें कि 673.53 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 30.11 प्रतिशत है. पंजाब ने FCI ने 2.69 लाख टन और राज्य की एजेंसियों ने 200.13 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब में धान की कुल पैदावार 1.82 करोड़ टन दर्ज की गई थी यानि कि उत्पादन के मुकाबले 20 लाख टन ज्यादा धान की खरीद की गई है. जानकारों का कहना है कि पंजाब में पिछले खरीफ सीजन में 27 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई हुई थी जबकि 2019 में धान का रकबा 29 लाख हेक्टेयर के ऊपर था.  बता दें कि सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है.

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बता दें कि खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है. लगभग 98.55 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,27,164.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.

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First Published : 13 Mar 2021, 10:51:08 AM

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