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ऑर्गेनिक सब्जियों (Organic Farming) के कारोबार से भी कर सकते हैं लाखों की कमाई, बस करना होगा ये काम

आर्गेनिक खेती (Organic Farming) के जरिए भी लाखों की कमाई की जा सकती है. बशर्ते कि इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.

न्यूज स्टेट ब्यूरो | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 22 Nov 2019, 11:52:03 AM
ऑर्गेनिक फॉर्मिंग (Organic Farming)

नई दिल्ली:

आजकल युवा परंपरागत बिजनेस को छोड़कर व्यापार के लिए नए-नए विकल्प तलाश कर रहे हैं. ऐसा ही एक विकल्प है ऑर्गेनिक फॉर्मिंग (Organic Farming). दरअसल, आर्गेनिक खेती के जरिए भी लाखों की कमाई (How To Become Lakhpati) की जा सकती है. बशर्ते कि इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. बता दें कि आज के युवा आईटी (IT), सर्विस सेक्टर (Service Sector), मीडिया (Media), रिटेल (Retail) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) में कैरियर की संभावनाएं तलाश रहे हैं. ऐसे में युवाओं का खेती के बिजनेस (Farm Business) में घुसपैठ करना आश्चर्यचकित करता है.

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मुंबई के युवा जोड़े जोशुआ लुईस और सकीना राजकोटवाला परंपरागत पेशे के इसी मिथक को तोड़ रहे हैं. यह जोड़ा आर्गेनिक खेती के बिजनेस को अपना कर लाखों की कमाई कर रहा है. आज की इस रिपोर्ट में हम बताने जा रहे हैं कि कैसे उन्होंने इस बिजनेस की शुरुआत की और आप भी उनके तरीके को अपनाकर मोटी कर सकते हैं.

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कहां से मिला बिजनेस आइडिया
जोशुआ लुईस और सकीना राजकोटवाला मुंबई में ही रहकर आर्गेनिक खेती (Organic Farming) के जरिए लोगों को आर्गेनिक फूड उपलब्ध करा रहे हैं. इस बिजनेस से उनकी सालाना आय लाखों रुपये में हो रही है. 2017 में पुडुचेरी में लुईस और सकीना की मुलाकात इंग्लैंड के कृष्णा मकेंजी से हुई. कृष्णा मकेंजी पुडुचेरी में ऑर्गेनिक खेती कर रहे थे. उसी से प्रेरित होकर मुंबई में दोनों ने हर्बीवोर फार्म्स (Herbivore Farms) की शुरुआत की. गौरतलब है कि हर्बीवोर फार्म्स मुंबई का पहला हाइपरलोकल हाइड्रोपॉनिक्स फार्म है. इस फार्म में 2,500 से अधिक पौधे लगे हुए हैं. दोनों इस फार्म से ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियों की सप्लाई करते हैं.

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बगैर पेस्टीसाइड्स के उगाते हैं सब्जियां
दोनों का कहना है कि हम पत्तेदार हरी सब्जियों (vegetables) की खेती करते हैं. उनकी खेती के लिए हाइड्रोपॉनिक्स विधि का इस्तेमाल करते हैं. हाइड्रोपोनिक्स एक ऐसी विधि है जिसमें मिट्टी की जगह पानी का इस्तेमाल किया जाता है. इन पौधों को घर के भीतर या छत पर लगाया जाता है. साथ ही उनके अनुरूप ही तापमान को भी नियंत्रित किया जाता है. उनका कहना है कि वे सब्जियों की खेती में किसी भी तरह के कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं करते. इन सब्जियों का स्वास्थ्य पर किसी भी तरह का विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है.

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बहुत कम पानी में उगती हैं ये सब्जियां
सकीना राजकोटवाला के मुताबिक इन सब्जियों की खेती के लिए बहुत कम पानी की जरूरत होती है. उनकी मानें तो सिर्फ 20 फीसदी पानी में सब्जियां उग जाती है. इनकी खेती में रीसर्कुलेटिंग सिंचाई व्यवस्था का इस्तेमाल होता है. पौधों के रखरखाव देखते हुए वो कहती हैं कि इस प्रक्रिया से खेती करने पर सामान्य खेत से पांच गुना उत्पादन संभव है. साथ ही ग्राहकों को फार्म से कुछ ही घंटे में सब्जियों की डिलीवरी भी हो जाती है. हर्बीवोर फार्म्स ने हर महीने 1,500 रुपये का सब्सक्रिप्शन प्लान बनाया है, जिसके तहत हर हफ्ते एक बॉक्स सब्जी ग्राहकों को डिलीवर की जाती है.

First Published : 22 Nov 2019, 11:48:34 AM

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