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Coronavirus (Covid-19): कोरोना के बढ़ते मामले के बावजूद दिन-रात खुली है आजादपुर मंडी

Coronavirus (Covid-19): आजादपुर मंडी कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हमने खरीदारों की भीड़ को नियंत्रित की है.

IANS | Updated on: 01 May 2020, 12:26:46 PM
Azadpur Mandi

आजादपुर मंडी (Azadpur Mandi) (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

Coronavirus (Covid-19): कोरोना के कहर से बदले हालात के दौरान एशिया में फलों और सब्जियों की सबसे बड़ी थोक मंडी देश की राजधानी स्थित आजादपुर मंडी (Azadpur Mandi) में चौबीसों घंटे सफाई और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया चलती रहती है. इसके बावजूद फलों और सब्जियों के खरीदार और मंडी के व्यापारी-आढ़ती डरे हुए हैं क्योंकि आजादपुर मंडी में कोरोना संक्रमण के करीब 15 मामले सामने आ चुके हैं और मंडी परिसर के करीब 14 एजेंटों ने अपनी दुकानें सील कर दी हैं. आजादपुर मंडी कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने कहा, "सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हमने खरीदारों की भीड़ को नियंत्रित की है, लेकिन इससे मंडी के कारोबार पर कोई असर नहीं है और यह अनवरत चलता रहेगा क्योंकि यह मंडी उत्तर भारत की जीवन रेखा है. यह सच है कि ग्राउंड जीरो पर रोजी-रोटी और जिंदगी की जंग चल रही है.

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मंडी में आते हैं रोजाना सब्जियों और फलों से लदे करीब 1000 ट्रक
सब्जी के कारोबार से जुड़े आढ़ती सुरेंद्र यादव ने कहा कि रोजाना सब्जियों और फलों से लदे करीब 1000 ट्रक मंडी आते हैं. अगर फलों और सब्जियों का आना बंद हो जाएगा तो लोग क्या खाएंगे. सवाल लाभ और घाटे का नहीं, बल्कि लोगों को खिलाने का है. यादव के पास गोभी से भरी बोरियों का अंबार लगा हुआ है और वह महज 100 रुपये प्रति बोरी की दर से इसे बेचना चाहते हैं जो पहले के मुकाबले करीब आधी कीमत है. उन्होंने बताया कि शिमला से कल चार ट्रक गोभी आई है लेकिन दो ट्रक गोभी अभी भी बची हुई है क्योंकि पहले की तरह बड़ी तादाद में अब खरीदार नहीं आते हैं.

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प्रतिबंध से भी खरीदारों का आना कम हुआ
कोरोना महामारी का खतरा ही नहीं, बल्कि बाजार में भीड़भाड़ कम करने के लिए लगाए गए प्रतिबंध से भी खरीदारों का आना कम हुआ है. मसलन, मंडी में जो फुटकर विक्रेता जगह-जगह बैठकर सब्जी बेचते थे, उनको मना कर दिया गया है. वहीं, टोकन के बिना मंडी में खाली गाड़ियों को प्रवेश की इजाजत नहीं है. मंडी आमतौर पर सब्जी व फल खरीदने के लिए आने वाले छोटे-बड़े वाहनों की संख्या रोजाना 5000 से ज्यादा होती थी, मगर सोशल डिस्टेंसिंग का सही ढंग से पालन कराने के मकसद से एपीएमसी प्रशासन अब महज 3300 वाहनों को रोजाना मंडी में प्रवेश के लिए टोकन देता है.

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आदिल अहमद खान अक्सर अधिकारियों के साथ रणनीति तय करने में व्यस्त रहते हैं ताकि दुनिया की भीड़भाड़ वाली जगहों में शुमार आजादपुर मंडी में वायरस के संक्रमण पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा सके. उन्होंने बताया, "सख्त कदम उठाने की जरूरत थी, इसलिए अब हम मंडी में प्रवेश करने वाले हरेक ट्रक और टेम्पो को टोकन देते हैं और हर घंटे इसकी आवाजाही को नियंत्रित करते हैं. मसलन, सुबह पांच से छह बजे के दौरान मंडी में हम सिर्फ 300 ट्रकों को प्रवेश की इजाजत देते हैं, इसके बाद अगले घंट भी इतनी संख्या में वाहनों को प्रवेश की इजाजत दी जाती है. हालांकि बाद के समय के दौरान कुछ घंटे के लिए वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाती है, लेकिन टोकन सिस्टम से प्रवेश देर रात तक जारी रहती है.

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हालांकि आजादपुर मंडी में खरीदारों के वाहनों को बिना टोकन प्रवेश की इजाजत नहीं हैए मगर कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के इलाकों या देश के अन्य हिस्सों से फलों और सब्जियों से लदे ट्रक मंडी में बेरोक-टोक आ रहे हैं. फलों और सब्जियों से भरे ट्रक मंडी में प्राय: रात में आते हैं. गुरुवार को कश्मीर की घाटी से करीब 30 ट्रक सेब आजादपुर मंडी में आया. कश्मीरी सेब का कारोबार करने वाले मोहम्मद इस्लाम ने कहा," लॉकडाउन के कारण पड़ोस के क्षेत्र से खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं. फिर भी अधिकांश माल बिक चुका है. सेब कारोबारी मास्क लगा लगा रखे थे और उनकी मेज पर सैनिटाइजर की बोतल भी रखी थी. यही नहीं, ट्रकों में फल और सब्जी लोड व अनलोड करने वाले वाले मजदूरों ने भी मास्क लगा रखा था.

स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एपीएमसी के अधिकारियों की नजर हर शेड पर होती है कि जिससे स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार एहतियाती कदमों का समुचित पालन हो. आजादपुर मंडी में करीब 2800 लाइसेंसधारी आढ़ती हैं. मंडी के एक बड़े शेड में महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान से आए प्याज की बोरियां का अंबार लगा हुआ था. एक आढ़ती के मैनेजर लल्लू ने बताया कि बीते दो दिनों से एक ट्रक प्याज पड़ा हुआ है. हालांकि दाम में बदलाव नहीं हुआ है और यह 400 रुपये प्रति क्विंटल ही है. मैं आशा करता हूं कि आने वाले दिनों में यह स्टॉक निकल जाएगा. लल्लू ने बताया कि पश्मिी उत्तर प्रदेश व अन्य जगहों से जो भारी तादाद में खरीदार आते थे वे नहीं आ रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि तीन मई के बाद हालात बदलेंगे. उनको उममीद है कि दूसरी बार बढ़ाई गई लॉकडाउन की समयसीमा तीन मई को समाप्त होने पर सहूलियत बढ़ जाएगी. एपीएमसी के चेयरमैन ने जिलाधिकारी, स्थानीय निकाय और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क कर कोरोना संक्रमण के संदिग्धों की नियमित जांच की गुहार लगाई जिसके बाद शुक्रवार से मंडी में नियमित जांच के लिए डॉक्टरों की दो टीम नियुक्त की गई है. बहरहाल एपीएमसी को मंडी के 50 से अधिक लोगों के लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है. लगातार बैठकों के दौर में व्यस्त खान आगे एक और बैठक में जाने को तैयार थे. उन्होंने कहा कि इस समय मैं आपको यही भरोसा दिला सकता है कि टेस्ट रिपोर्ट भले ही ठीक आए मगर आजादपुर मंडी में एहतियाती उपायों के बीच कारोबार निरतंतर चलता रहेगा.

First Published : 01 May 2020, 12:26:46 PM

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