किन देशों में जनता पर नहीं लगता है कोई टैक्स, फिर तेजी से दौड़ रही इकोनॉमी

Income Tax Free Country: कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आम जनता पर एक रुपया भी टैक्स नहीं लगाया जाता है बावजूद इसके इन देशों की अर्थव्यवस्था फर्राटा भर रही है. आइए जानते हैं कौन से हैं वो देश.

Income Tax Free Country: कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आम जनता पर एक रुपया भी टैक्स नहीं लगाया जाता है बावजूद इसके इन देशों की अर्थव्यवस्था फर्राटा भर रही है. आइए जानते हैं कौन से हैं वो देश.

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Dheeraj Sharma
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Income Free Countries

Photograph: (Photo- AI)

Income Tax Free Country: आम बजट पूरे देश के लिए एक ऐसा मौका होता है जब हर वर्ग की निगाहें इस पर टिक जाती हैं. हर साल जब देश का आम बजट पेश होता है, तो गरीब से लेकर अमीर तक हर कोई अपने-अपने मुताबिक इसमें होने वाली घोषणाओं पर नजर रखता है.  कोई टैक्स में राहत चाहता है, तो कोई महंगाई से बचाव. लेकिन इन तमाम उम्मीदों के बीच एक बुनियादी सवाल आमतौर पर उठता है कि सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसा आता कहां से है?

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भारत समेत ज्यादातर देशों में सरकार की आमदनी का बड़ा जरिया टैक्स के रूप में ही होता है. इसमें सबसे बड़ा जरिया होता है इनकम टैक्स. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आम जनता पर एक रुपया भी टैक्स नहीं लगाया जाता है बावजूद इसके इन देशों की अर्थव्यवस्था फर्राटा भर रही है. आइए जानते हैं कौन से हैं वो देश. 

ये हैं वो टैक्स-फ्री देश, जहां इनकम टैक्स नहीं है

दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां सरकार जनता से इनकम टैक्स नहीं लेती. इन देशों की अर्थव्यवस्था अलग मॉडल पर टिकी होती है.

UAE: तेल और टूरिज्म से मजबूत अर्थव्यवस्था

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दुनिया की सबसे चर्चित टैक्स-फ्री अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. यहां नागरिकों से व्यक्तिगत आयकर नहीं लिया जाता. सरकार की आय का मुख्य स्रोत तेल, टूरिज्म, रियल एस्टेट और वैट जैसे अप्रत्यक्ष कर हैं. मजबूत विदेशी निवेश और व्यापार ने UAE को आर्थिक रूप से बेहद सशक्त बनाया है.

बहरीन: छोटे कारोबारों के लिए अनुकूल मॉडल

बहरीन में भी लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। सरकार अप्रत्यक्ष करों और शुल्कों से राजस्व जुटाती है. टैक्स-फ्री माहौल की वजह से यहां स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलता है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं.

कुवैत: तेल बना आर्थिक रीढ़

कुवैत की अर्थव्यवस्था लगभग पूरी तरह तेल निर्यात पर निर्भर है. विशाल तेल भंडार की वजह से सरकार को नागरिकों से इनकम टैक्स लेने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके बावजूद कुवैत एक समृद्ध और स्थिर अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है.

सऊदी अरब: अप्रत्यक्ष करों से चलता सिस्टम

सऊदी अरब ने भी नागरिकों को डायरेक्ट टैक्स से मुक्त रखा है. हालांकि, यहां वैट और अन्य शुल्क लागू हैं. तेल के साथ-साथ अब सरकार टूरिज्म और निवेश को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को विविध बना रही है.

कतर और ओमान: छोटे देश, मजबूत आय स्रोत

कतर और ओमान जैसे खाड़ी देश भी टैक्स-फ्री सूची में शामिल हैं. इन देशों की आय का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सेक्टर से आता है. कम आबादी और अधिक संसाधनों की वजह से सरकारें बिना इनकम टैक्स के भी विकास कार्य चला पा रही हैं.

द बहमास: टूरिज्म से चलता देश

वेस्टर्न हेमिस्फीयर में स्थित द बहमास भी इनकम टैक्स नहीं वसूलता. यहां की अर्थव्यवस्था पर्यटन, विदेशी निवेश और कस्टम ड्यूटी पर आधारित है.

बिना इनकम टैक्स कैसे चलती है अर्थव्यवस्था?

इन देशों की खास बात यह है कि इनके पास प्राकृतिक संसाधन, टूरिज्म या वैश्विक व्यापार जैसे मजबूत आय स्रोत हैं. कम जनसंख्या और ज्यादा राजस्व की वजह से सरकारें टैक्स का बोझ सीधे नागरिकों पर नहीं डालतीं.

भारत के लिए क्या है सीख?

भारत जैसे बड़े और विविध देश में टैक्स के बिना सिस्टम चलाना फिलहाल संभव नहीं है. लेकिन टैक्स संरचना को सरल बनाना, अनुपालन बढ़ाना और गैर-कर राजस्व को मजबूत करना ये ऐसे कदम हैं, जो भविष्य में आम आदमी को राहत दे सकते हैं. Budget 2026 से पहले यही उम्मीद की जा रही है कि सरकार संतुलन बनाते हुए जनता को कुछ राहत जरूर देगी.

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