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Indian Army
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक फरवरी 2026 को यूनियन बजट 2026-27 पेश किया. बजट में रक्षा मंत्रालय को कुल 7.8 लाख करोड़ का आवंटन हुआ है. इससे रक्षा क्षेत्र में मजबूती आएगी. सैन्य बलों को मॉडर्नाइजेशन के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. जो पिछले साल के बजट से करीब 1.80 लाख करोड़ से अधिक है.
बजट में क्या बड़ा बदलाव हुआ?
पिछले साल से लगभग 14 से 15% की बढ़ोतरी हुई है. सेना के आधुनिकरण ₹2.19 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है. इसका इस्तेमाल नई खरीद, हथियार, उपकरण और तकनीक पर खर्च होगा. बजट में घरेलू उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी हथियार और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया गया है. खास बात है कि पहले से ही रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है.
ये बढ़ोतरी इसलिए अहम है, क्योंकि दुनिया युद्ध और तनाव से जूझ रहे हैं, जिस वजह से भारत को अपनी सेना को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है. जैसे- ड्रोन, फाइटर जेट्स, साइबर सुरक्षा और मिसाइल्स आदि.
रक्षा मंत्रालय के प्रमुख प्रोजेक्ट्स जो पाइपलाइन में हैं
रक्षा मंत्रालय के पास ऐसे कई प्रोजेक्ट्स हैं, जो वर्तमान में जारी हैं या फिर जल्द शुरू होने वाले हैं. नौसेना के लिए अतिरिक्त राफेल-एम (26 या उससे अधिक) के सौदे होंगे. वायुसेना के पास पहले से ही 36 राफेल हैं अब और खरीदे जाएंगे. प्रोजेक्ट 751 के तहत नई स्टील्थ सबमरीन खरीदी जाएगी, जिसमें एआईपी तकनीक होगी, जो बहुत बड़ा सौदा है.
क्यों इतना बड़ा बजट?
ऑपरेशन सिंदूर जैसी घटनाओं की वजह से भारत सरकार भविष्य के लिए अलर्ट हो गई है. रक्षा विशेषज्ञों ने 20% बढ़ोतरी की मांग की थी. भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक भारत के रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए.
ये रक्षा बजट क्या है?
2026-27 का बजट भारत की रक्षा को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम है. ये बजट सेना को आधुनिक हथियार, तकनीक बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार रहने में मदद करेगा. भारत सरकार का जोर आत्मनिर्भरता पर है, जिससे आयात कम हो सके और देश खुद मजबूत बना सके.
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