Budget के इन टर्म को जानना बेहद जरूरी, समझने के बाद नहीं रहेगा कोई कंफ्यूजन

Budget 2026: केंद्रीय बजट से जु़ड़ी ऐसी कई शब्दावली ​हैं जो आम जनता की समझ से परे है. फिस्कल डेफिसिट, कैपिटल एक्सपेंडिचर, सेस जैसे शब्द को समझने के लिए पढ़े यह लेख.

Budget 2026: केंद्रीय बजट से जु़ड़ी ऐसी कई शब्दावली ​हैं जो आम जनता की समझ से परे है. फिस्कल डेफिसिट, कैपिटल एक्सपेंडिचर, सेस जैसे शब्द को समझने के लिए पढ़े यह लेख.

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Mohit Saxena
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केंद्रीय बजट 2026 से व्यापारी और आम जनता को बड़ी उम्मीदें, महंगाई और टैक्स राहत पर नजर

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Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सोशल मीडिया से लेकर तमाम प्लेटफॉर्म पर बजट से संबंधित कुछ ऐसे टर्म सामने आ जाते हैं, जिन्हें आम जनता नहीं समझ सकती है. फिस्कल डेफिसिट, सेस, विनिवेश जैसे शब्दों को सुनकर अक्सर आम जनता के मन में कंफ्यूजन की स्थिति होती है. इसका अर्थ उतना मुश्किल नहीं है, अगर इसके बेसिक में जाया जाए तो यह शब्द आपको बजट समझने में मदद करते हैं. 

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देश के वित्त मंत्री अपने बजट भाषण में इन शब्दों का कई बार उपयोग करते हैं. इन्हीं के माध्यम से सरकार कमाई करती है. इससे खर्च और आर्थिक दिशा का पता चलता है. ऐसे में बजट को समझने के लिए इन टर्म्स को समझना बेहद जरूरी है. यहां हम बजट से जुड़े 11 अहम शब्दों का मतलब आसान भाषा में बता रहे हैं.

1. बजट अनुमान (Budget Estimate)

वित्त वर्ष में सरकार की अनुमानित आय और खर्च के आंकड़े को Budget Estimate कहते हैं. सरकार पहले से तय करती है ​कि कितना पैसा आएगा. यह कहां पर खर्च होगा. बजट भाषण में इसके अनुमान काे सामने रखा जाता है. 

2. जीडीपी (GDP)

जीडीपी का अर्थ है कि देश में एक साल के अंदर कितना सामान और सेवाएं दी गईं. यह देश के आर्थिक सेहत को बताने का बड़ा मापदंड है. जिस देश की जितनी अच्छी जीडीपी, उतनी मजबूत उसकी अर्थव्यवस्था होगी. 

3. वार्षिक फाइनेंशियल स्टेटमेंट (AFS)

यह सरकार की वर्षभर की कमाई और खर्च की जानकारी की तरह है. इसे आम भाषा में सरकार की आर्थिक रिपोर्ट की तरह गिना जाता है. इस दस्तावेज के आधार पर बजट को पेश किया जाता रहा है. 

4. कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex)

इसे सरकार का ऐसा खर्च माना जाता है जिससे भविष्य में लाभ मिले. इसमें सड़क, रेलवे, स्कूल, अस्पताल और इंफ्रास्ट्रक्चर होने वाला खर्च होता है. इसे देश के विकास में सबसे अहम माना जाता है. 

5. सेस (Cess)

इसे एडिशनल टैक्स कहा जाता है. इसे खास मकसद के लिए लगाया जाता है. इससे मिलने वाला पैसा राज्यों में नहीं बांटा जाता है.

6. डायरेक्ट टैक्स (Direct Taxes)

यह टैक्स सीधे व्यक्ति या कंपनी की पर लगाया जाता है. जैसे इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स होता है. इसे टैक्स देने वाला खुद सरकार को चुकाने ​के लिए जिम्मेदार है. 

7. इनडायरेक्ट टैक्स (Indirect Taxes)

यह टैक्स वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला है. इसमें GST, एक्साइज ड्यूटी जैसे टैक्स शामिल हैं. इसका असर आम उपभोक्ता पर भी पड़ता है. 

8. विनिवेश (Divestment)

सरकार अपनी हिस्सेदारी को सरकारी कंपनियों में बेच देती है. इससे सरकार को पैसे प्राप्त होता है. घाटा कम करने में सहायता मिलती है. 

10. फाइनेंस बिल (Finance Bill)

यह बजट कानून के रूप में देने वाला बिल माना जाता है. इसमें टैक्स से जुड़े बदलाव को शामिल किया गया है. संसद से पास होने के बाद ही बजट को लागू किया जाता है. 

11. फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit)

सरकार की कमाई और खर्च के अंतर को फिस्कल डेफिसिट का नाम दिया गया. यह कभी ज्यादा तो कभी कम होता है. यह अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम है. 

Union Budget 2026
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