/newsnation/media/media_files/2026/02/01/union-budget-2026-nirmala-sitharaman-know-her-longest-speech-record-2026-02-01-12-53-16.jpg)
Budget 2026 (Sansad TV)
Budget 2026: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश किया. संसद में पेश किए गए बजट में उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आम आदमियों को फायदा पहुंचाएगा. सरकार ने बजट के मंच से तय किया कि बायोगैस वाली सीएनजी पर टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा. सरकार के इस फैसले से आम आदमी पर गाड़ी चलाते वक्त बोझ नहीं पड़ेगा. उनकी जेब हल्की ही ढिली होगी. बजट की ये घोषणा सीधे आम आदमियों को लाभ पहुंचाएंगी.
बायोगैस वाली सीएनजी सस्ती होगी
वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अब बायोगैस मिक्स सीएनजी पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क यानी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी का कैल्कुलेशन करते वक्त बायोगैस के पूरे प्राइज को बाहर रखा जाएगा. इसका फायदा ये होगा कि बायोगैस बनाने वाली सीएनजी सस्ती हो जाएगी और टैक्स का बोझ कम हो जाएगा. इससे पहले बायोगैस के प्राइस को भी शामिल किया जाता था.
बाजार में तेजी से आ रहे ऐसे वाहन
खेतों के कचरे, फसल के वेस्टेज और कूड़े आदि से बायोगैस को तैयार किया जाता है. इस बायोगैस को रेगुलर सीएनजी में मिलाकर कम कार्बन वाला फ्यूल तैयार किया जाता है. ये फ्यूल धीरे-धीरे ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी जगह बना रहा है. ऐसे कई वाहन निर्माता कंपनियां है, जो ऐसे फ्यूल्स पर चलने वाले वाहनों को तेजी से बाजार में उतार रही हैं. सरकार का कहना है कि इससे पर्यावरण को नुकसान कम होगा और क्लीन एनर्जी को इससे बढ़ावा मिलेगा.
पहले क्या नियम था?
साल 2023 में सरकार ने बायोगैस को लेकर आंशिक राहत दी थी. उस वक्त सिर्फ बायोगैस पर दिए गए जीएसटी को एक्साइज ड्यूटी घटाया जाता था. हालांकि, बायोगैस की पूरी कीमत पर छूट नहीं मिलती थी, जिस वजह से टैक्स का दोहरा असर बना रहता था. रेगुलर सीएनजी पर लगभग 14 प्रतिशत सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगती है यानी प्रति किलो सीएनजी पर करीब 14 से 15 रुपये टैक्स के रूप में जुड़ जाते हैं. पुराने नियमों के अनुसार, बायोगैस वाली सीएनजी के बायोगैस वाले हिस्से पर लगभग नौ प्रतिशत तक का बोझ बना रहता था.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us