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Income Tax Law 2026: केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लाया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इस नए कानून में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ जैसे उलझाऊ शब्द नहीं होंगे. उनकी जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ होगा.
पहले क्या कन्फ्यूजन था?
अब तक जो सिस्टम था, उसमें जिस साल आप कमाई करते थे, उसे फाइनेंशियल ईयर (FY) कहते थे और जिस साल उस इनकम पर टैक्स भरा जाता था, उसे असेसमेंट ईयर (AY) जैसे अगर आपने FY 2024-25 में कमाई की, तो उसका टैक्स AY 2025-26 में फाइल होता था. यही बात आम टैक्सपेयर को सबसे ज्यादा उलझाती थी.
अब क्या बदलेगा
नए कानून में सरकार ने यह कन्फ्यूजन खत्म कर दिया है. अब जिस साल इनकम होगी, उसी साल टैक्स फाइल किया जाएगा. यानी: इनकम कमाने का साल टैक्स भरने का साल दोनों एक ही होंगे, जिसे कहा जाएगा टैक्स ईयर.
ITR फाइल करने में क्या फायदा?
अब यह समझने की जरूरत नहीं होगी कि इनकम किस साल की है बल्कि ITR फाइलिंग ज्यादा आसान और साफ होगी. नोटिस, असेसमेंट और टैक्स से जुड़े कागजों में सिर्फ टैक्स ईयर लिखा होगा. हालांकि, टैक्स स्लैब या रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, सिर्फ भाषा और प्रोसेस को आसान बनाया गया है.
कब से लागू होगा नया नियम?
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसका पूरा असर ITR फाइलिंग 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27) से दिखेगा लेकिन 2025-26 के ITR फॉर्म्स में भी शब्दों में बदलाव नजर आ सकता है.
आम टैक्सपेयर के लिए क्या मतलब?
सरल शब्दों में कहें तो अब 'पिछले साल की कमाई, अगले साल टैक्स' वाला चक्कर खत्म हो जाएगा. नए टैक्स भरने वालों के लिए सिस्टम ज्यादा यूजर फ्रेंडली होगा और गलतफहमी भी कम होगी. सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को आसान और टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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