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COVID-19 Cess की तैयारी में सरकार, बजट से पहले ऐलान संभव

सरकार आने वाले खर्चे से निपटने के लिए कोविड-19 सेस लगाने की सोच रही है. हालांकि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 11 Jan 2021, 03:40:29 PM
Corona Cess

फिलहाल चल रहा है विचार. अभी अंतिम फैसला नहीं. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण ने आर्थिक स्तर पर देश और लोगों को खासी चोट पहुंचाई है. सरकार को जहां अरबों रुपए का नुकसान हुआ वहीं लोगों को बेरोजगारी के साथ-साथ आय में कमी से भी जूझना पड़ रहा है. हालांकि अच्छी बात है कि कोरोना वैक्सीन के सामने आने से महामारी पर नियंत्रण की उम्मीद जगी है. इस कड़ी में सरकार आने वाले खर्चे से  निपटने के लिए कोविड-19 सेस लगाने की सोच रही है. हालांकि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. 

फिलहाल विचार ही, अंतिम फैसला नहीं
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से इस बारे में जानकारी सामने आई है. सरकार इस पर विचार कर रही है. हालांकि, अभी तक यह फैसला नहीं लिया गया है कि इसे सेस या सरचार्ज के रूप में लागू किया जाएगा. बजट में ऐलान से ठीक पहले इस बारे में अंतिम फैसला लिया जा सकता है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती दौर में छोटा सेस लगाने की बात कही गई है. ज्यादा इनकम के दायरे में आने और कुछ इनडायरेक्ट टैक्स के रूप में इसे लगाया जा सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल ओर डीज़ल या कस्टम ड्यूटी पर भी सेस लगा सकती है.

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इसलिए सरकार लगा रही सेस 
कोविड-19 वैक्सीन लगाने का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है. हालांकि, कोविड-19 वैक्सीन डिस्ट्रिब्युशन, मैनपावर ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स का बोझ राज्यों पर है. कोविड सेस के जरिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द फंड्स जुटा सकेगी. अगर केंद्र सरकार सीधे टैक्स के रूप में यह खर्च वूसलती तो इसके विरोध की संभावना होती. साथ ही, केंद्र सरकार को इसका एक हिस्सा राज्यों को भी देना होता है. लेकिन सेस से आने वाली रकम पूरी तरह से केंद्र सरकार की होती है.

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16 जनवरी से राष्ट्रीय टीकाकरण 
शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कोरोना वायरस वैक्सीन रोलआउट पर करीब 60,000 से लेकर 65,000 रुपये तक का खर्च होगा. 9 जनवरी को सरकार ने कहा है कि वो 16 जनवरी से राष्ट्रव्यापी स्तर पर कोविड-19 वैक्सीनेशन शुरू करेगी. इसके लिए 3 कोर हेल्थकेयर ओर फ्रंटलाइन वर्कर्स को वरीयता दी जाएगी. सरकार ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए उच्च स्तरीय बैठक में लिया है. पीएम मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वैक्सीनेशन की तैयारियों का जायज़ा भी लिया है.

First Published : 11 Jan 2021, 03:34:58 PM

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