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अब केवल 12 बैंक ही रह जाएंगे सरकारी, जानें बैंकों के विलय पर क्‍या होगा आप पर असर

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman) ने कहा कि यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंकका विलय होगा. केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय किया जाएगा.

By : Drigraj Madheshia | Updated on: 30 Aug 2019, 09:12:01 PM
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्‍ली:

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कई बैंकों के आपस में विलय (merger of banks) का ऐलान किया है.केंद्र सरकार के इस बड़े ऐलान के साथ ही अब देश में सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जाएगी. ऐसे में विलय होने वाले बैंकों के ग्राहकों पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा, यह जानना जरूरी है. बता दें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman) ने कहा कि यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंकका विलय होगा. केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय किया जाएगा. यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय होगा. इंडिय़न बैंक और इलाहाबाद बैंक का भी आपस में विलय होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो फ़ैसले लिए थे, उन पर अमल की शुरुआत हो गई है. बैंक और NBFC के 4 टाइअप हुए.

इन बैंकों का विलय

वित्त मंत्री ने कहा कि इन सारे विलय के बाद सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जाएगी।

विलय-1

पंजाब नैशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स तथा यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (दूसरा सबसे बड़ा बैंक, कारोबार-17.95 लाख करोड़ रुपये)

विलय-2

केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक (चौथा सबसे बड़ा बैंक, कारोबार-15.20 लाख करोड़ रुपये)

विलय-3

यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक तथा कॉरपोरेशन बैंक (पांचवां सबसे बड़ा बैंक, कारोबार-14.6 लाख करोड़ रुपये)

विलय-4

इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक (सातवां सबसे बड़ा बैंक, कारोबार-8.08 लाख करोड़ रुपये)

बैंकों के विलय का आप पर क्या असर ?

  • ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकता है. जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड मिलेंगे, उन्हें नए डीटेल्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) आदि में अपडेट करवाने होंगे.
  • SIP या लोन EMI के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है. नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इशू हो सकता है. फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा.
  • जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिए गए हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा. कुछ शाखाएं बंद हो सकती हैं, इसलिए ग्राहकों को नई शाखाओं में जाना पड़ सकता है.

First Published : 30 Aug 2019, 07:23:34 PM

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