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Coronavirus Lockdown Part 2- बैंक और बीमा को लेकर जारी हुए नए नियम, पढ़ें पूरी खबर

लॉकडाउन (बंद) की बढ़ी अवधि के लिये नये दिशानिर्देश जारी करते हुए बुधवार को कहा कि बैंक और बीमा जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं से जुड़े काम पहले की तरह चलते रहेंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 15 Apr 2020, 03:36:01 PM
new guidelines for banking and insurance sector

लॉकडाउन-2.0 में बैंकिंग और बीमा सेक्टर में नई गाइडलाइंस (Photo Credit: फाइल)

नई दिल्ली:

सरकार ने लॉकडाउन (बंद) की बढ़ी अवधि के लिये नये दिशानिर्देश जारी करते हुए बुधवार को कहा कि बैंक और बीमा जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं से जुड़े काम पहले की तरह चलते रहेंगे. सरकार ने देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये पिछले महीने 25 मार्च को 21 दिन के बंद की घोषणा की थी, जिसकी समयसीमा 14 अप्रैल को समाप्त हो गयी. इस दौरान बैंकिंग व बीमा से संबंधित कार्यों को जारी रहने की छूट दी गयी थी. सरकार ने बंद को अब तीन मई तक के लिये बढ़ा दिया है.

गृह मंत्रालय ने नये दिशानिर्देशों में कहा, ‘उद्योग जगत को पर्याप्त नकदी तथा ऋण सहायता मुहैया कराते रहने के लिये रिजर्व बैंक, बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां तथा सेबी द्वारा अधिसूचित पूंजी व बांड बाजार खुले रहेंगे.’ बैंकिंग परिचालन की मदद करने वाले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा प्रदाता, बैंकिंग प्रतिनिधि और एटीएम परिचालन तथा नकदी का प्रबंधन देखने वाली कंपनियां भी काम करती रहेंगी.

बैंकों में भीड़ रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन करेगा मदद
मंत्रालय ने कहा कि जब तक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को पूरा नहीं कर लिया जाता है, तब तक बैंकों की शाखाएं सामान्य समय के हिसाब से काम करती रहेंगी. स्थानीय प्रशासन बैंक शाखाओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायेगा. बैंक कर्मियों को खाताधारकों के बीच आपस में दूरी तथा भीड़ होने से रोकने में भी स्थानीय प्रशासन मदद मुहैया कराएगा. मंत्रालय ने कहा कि सेवा क्षेत्र के साथ ही राष्ट्रीय वृद्धि के लिये डिजिटल अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण है. इस लिहाज से ई-वाणिज्य कंपनियां, आईटी व इससे संबद्ध परिचालन, सरकारी गतिविधियों से जुड़े डेटा व कॉल सेंटर, ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन आदि को भी छूट रहेगी.

लॉकडाउन-2.0 में बढ़ सकती है ईएमआई में छूट
दरअसल, लॉकडाउन बढ़ने से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जिसकी वजह से कारोबार जगत को नुकसान हो रहा है. हर सेक्टर में लोगों की नौकरियों और सैलरी पर संकट गहराने लगा है. ऐसे में अगर लोन लेने वालों की नौकरी या फिर सैलरी कटती है तो ईएमआई भरना मुश्किल होगा. जिसकी वजह से लोन डिफॉल्टर बढ़ जाएंगे. बैंक पहले ही इसकी आशंका जता चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बैंक ने आरबीआई के सामने अपनी चिंता को जाहिर करते हुए कहा कि कॉरपोरेट्स और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में लोन डिफॉल्ट्स की संभावन ज्यादा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ईएमआई में छूट की सीमा बढ़ सकती है. (इनपुट-भाषा)

First Published : 15 Apr 2020, 03:36:01 PM

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