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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 66 अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम करने से मना कर दिया है। जलवायु परिवर्तन से लेकर विश्व कल्याण के लिए बनी एजेंसियों से अमेरिका ने अपना हाथ खींच लिया। इनमें से भारत की अगुवाई वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी शामिल है। ट्रंप के इस फैसले के बाद आईएसए का बयान भी सामने आया है।
आईएसए ने कहा, हमने 7 जनवरी, 2026 को अमेरिकी सरकार द्वारा जारी किया गया मेमोरेंडम देखा है, जिसमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने का इरादा बताया गया है। अपनी शुरुआत से ही, इंटरनेशनल सोलर अलायंस ने सोलर एनर्जी डिप्लॉयमेंट को बढ़ावा देने और अपने 125 सदस्य देशों के बीच सोलर एनर्जी के साथ सहयोग करने के अपने काम को आगे बढ़ाने में काफी तरक्की की है, जिसे एनर्जी स्टोरेज से और बढ़ावा मिल रहा है।
आईएसए ने बयान में आगे कहा, आईएसए प्रोग्राम 95 से ज्यादा देशों में चल रहे हैं, जो नेशनल पाइपलाइन, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और मार्केट बनाने में मदद करते हैं। आईएसए सोलर सॉल्यूशन की फीजिबिलिटी और असर को दिखाने में सफल रहा है, साथ ही डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट्स के जरिए अलग-अलग इलाकों में उन्हें लागू करने को बढ़ावा दिया है। हम आईएसए के साथ काम करना जारी रखेंगे और सोलर अपनाने और एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों का समर्थन करेंगे।
व्हाइट हाउस और विदेश विभाग के अनुसार ये संगठन अमेरिकी हितों के खिलाफ हैं। इनमें पैसों की बर्बादी होती है। इसके अलावा, इन्हें चलाने का तरीका सही नहीं है; ये बेहद खराब हैं। इस कदम को ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
ट्रंप के इस फैसले के बाद अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने एक्स पर लिखा, आज, राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका 66 अमेरिका विरोधी या बेकार अंतरराष्ट्रीय संगठन छोड़ रहा है। और अंतरराष्ट्रीय संगठन की समीक्षा अभी भी जारी है। इन वापसी से राष्ट्रपति ट्रंप का अमेरिकियों से किया गया एक जरूरी वादा पूरा होता है; हम उन ग्लोबलिस्ट ब्यूरोक्रेट्स को सब्सिडी देना बंद कर देंगे जो हमारे फायदों के खिलाफ काम करते हैं। ट्रंप सरकार हमेशा अमेरिका और अमेरिकियों को सबसे पहले रखेगी।
अमेरिकी सरकार की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया, हम ऐसे संस्थानों में रिसोर्स, डिप्लोमैटिक कैपिटल और अपनी भागीदारी को सही ठहराने के लिए खर्च नहीं करेंगे जो हमारे हितों के लिए गैर-जरूरी हैं या उनके खिलाफ हैं। हम समझदारी और मकसद के लिए विचारधारा को नकारते हैं। हम सहयोग चाहते हैं जहां इससे हमारे लोगों को फायदा हो और जहां इससे फायदा न हो, वहां हम मजबूती से खड़े रहेंगे।
--आईएएनएस
केके/डीएससी
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