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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय, राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (एनआईएस) और केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद के सहयोग से 3 जनवरी 2026 को चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में 9वां सिद्ध दिवस समारोह आयोजित करेगा।
यह आयोजन सिद्ध चिकित्सा के जनक माने जाने वाले ऋषि अगस्त्य की जयंती के अवसर पर होगा। हर साल 6 जनवरी को सिद्ध दिवस मनाया जाता है, जो इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को समर्पित होता है।
इस उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे। कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम, आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म श्री वैद्य राजेश कोटेचा, तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डॉ. पी. सेंथिल कुमार और अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
समारोह में सिद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली पांच प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का विषय वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सिद्ध है, जो सिद्ध चिकित्सा की वैश्विक महत्ता को उजागर करता है। यह सिद्ध पद्धति के योगदान को न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा।
इस समारोह में तमिलनाडु और अन्य राज्यों से सिद्ध चिकित्सक, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, छात्र और विद्वान एकत्रित होंगे। इसके अलावा, सरकारी सिद्ध मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के साथ-साथ विभिन्न स्ववित्तपोषित कॉलेजों के स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट छात्र भी इसमें भाग लेंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य सिद्ध चिकित्सा के निवारक स्वास्थ्य, अनुसंधान और वैश्विक कल्याण में योगदान को प्रदर्शित करना है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा वितरण, शोध और शैक्षिक प्रगति में सिद्ध चिकित्सा की भूमिका को मजबूत करने के साथ-साथ आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।
9वां सिद्ध दिवस निवारक स्वास्थ्य, अनुसंधान और वैश्विक कल्याण में सिद्ध चिकित्सा के योगदान को प्रदर्शित करेगा। इसका मकसद जागरूकता बढ़ाना और स्वास्थ्य सेवा वितरण, अनुसंधान सहयोग और शैक्षणिक प्रगति में सिद्ध की भूमिका को मजबूत करने के लिए सरकार के चल रहे प्रयासों की पुष्टि करना है।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय और वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे में भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने, नवाचार को मजबूत करने और सिद्ध के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता सुनिश्चित करने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
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