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जर्मनी से भारत में आयात बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन तैयार : रिपोर्ट

जर्मनी से भारत में आयात बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन तैयार : रिपोर्ट

IANS/News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 04 Jul 2021, 11:31:42 AM
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ई व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए अनूठी योजना. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • जर्मनी से भारत में कुल आयात में 3.56 प्रतिशत की वृद्धि
  • जर्मनी ई वाहनों के लिए 9,480 यूरो की सब्सिडी देता है
  • भारतीय ईवी उद्योग एक बढ़ता हुआ उद्योग 

नई दिल्ली:

ग्रांट थॉर्नटन भारत-फिक्की की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में वृद्धि से जर्मनी से भारत में आयात में वृद्धि होगी. वर्तमान में भारत और जर्मनी का लक्ष्य प्रत्येक पक्ष पर लाभ उठाकर साझेदारी करना और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को तेज करना है, जिसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स भी शामिल है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2020-जनवरी 2021 की अवधि के लिए जर्मनी से भारत में कुल आयात में 3.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार देश में 2026 तक वैश्विक ऑटो घटकों के व्यापार में अपनी हिस्सेदारी को 4-5 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता है, जो निर्यात वृद्धि और उद्योग द्वारा 'आत्मनिर्भर' पहल के तहत किए जा रहे आयात प्रतिस्थापन पहलों पर आधारित है.

जर्मनी देता है ई व्हीकल्स पर सब्सिडी
जर्मनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11,420 डॉलर (9,480 यूरो) की सब्सिडी देता है, जिसमें से 4,192 डॉलर (3,480 यूरो) की कटौती ओईएम द्वारा की जाती है. देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत हैं, जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. भारत और जर्मनी का लक्ष्य प्रत्येक पक्ष पर लाभ उठाकर साझेदारी करना और 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (आईओटी) सहित अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को तेज करना है. रिपोर्ट के अनुसार देश में 2026 तक वैश्विक ऑटो घटकों के व्यापार में अपनी हिस्सेदारी को 4-5 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता है, जो निर्यात वृद्धि और उद्योग द्वारा 'आत्मनिर्भर' पहल के तहत किए जा रहे आयात प्रतिस्थापन पहलों पर आधारित है.

भारत की ईवी उद्योग रहा है तेजी से बढ़ा
2018 में, भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार ने जर्मनी को दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार बना दिया था, जिसने भारत के साथ मजबूत व्यापार स्थापित किया. जर्मनी विद्युतीकरण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, लेकिन भारतीय ईवी उद्योग एक बढ़ता हुआ उद्योग है और ई-मोबिलिटी की ओर बढ़ना भारत सरकार (जीओआई) की प्राथमिकता है. भारत लक्षित निर्यात विस्तार और व्यापार विस्तार के लिए आयात प्रतिस्थापन कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकता है. भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रवेश करने वाले जर्मन मूल उपकरण निमार्ताओं (ओईएम) में उछाल आया है.

First Published : 04 Jul 2021, 11:31:42 AM

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