.

ब्रेक्जिट मामले में मर्केल ने आयरलैंड के साथ एकजुटता दिखाई

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा है कि उनका देश यूरोपीय संघ (ईयू) के अन्य सदस्य देशों के साथ खड़ा रहेगा और बिना किसी समझौते के ब्रेक्जिट को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.

News Nation Bureau
| Edited By :
05 Apr 2019, 03:21:15 PM (IST)

नई दिल्ली:

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा है कि उनका देश यूरोपीय संघ (ईयू) के अन्य सदस्य देशों के साथ खड़ा रहेगा और बिना किसी समझौते के ब्रेक्जिट को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगा. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मर्केल ने गुरुवार को आयरिश प्रधानमंत्री लियो वारड्कर के साथ बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की.

मर्केल ने आयरिश स्टेट गेस्ट हाउस फार्मले हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा, हम 27 के रूप में अंतिम क्षण तक एक साथ खड़े रहना चाहते हैं. मैं जर्मनी की ओर से यह कह सकती हूं. हम बिना किसी समझौते के ब्रेक्जिट को रोकने के लिए सब कुछ करेंगे. उन्होंने कहा, हमें मिलकर ब्रिटेन के साथ ऐसा करना होगा.

जर्मन चांसलर ने कहा, हमें उम्मीद है कि लंदन में चल रही गहन चर्चा अगले बुधवार तक ऐसी स्थिति लाएगी, जब हमारी एक विशेष परिषद बैठक होगी, जहां प्रधानमंत्री थेरेसा मे के पास हमारे लिए कोई प्रस्ताव होगा जिसके आधार पर हम बात करना जारी रख सकते हैं. मर्केल ब्रेक्जिट के लिए तय समय सीमा दो दिन पहले 10 अप्रैल को होने वाली यूरोपीय परिषद की शिखर बैठक की चर्चा कर रही थीं. इससे पहले, यूरोपीय संघ ने कहा था कि ब्रिटेन को ब्रेक्जिट के वर्तमान गतिरोध को तोड़ने के लिए 12 अप्रैल से पहले एक स्पष्ट समाधान के साथ आना होगा अन्यथा उसे बिना समझौते के ब्रेक्जिट का सामना करना पड़ सकता है.

आयरलैंड ब्रेक्जिट के बाद अपने और ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड के बीच हार्ड बॉर्डर को लेकर चिंतित है हालांकि, अगर ब्रिटेन बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से बाहर निकलता है, तो हार्ड बॉर्डर लगभग अपरिहार्य मालूम पड़ता है. आयरलैंड ब्रेक्जिट के बाद हार्ड बॉर्डर की स्थिति से बचने का पूरा प्रयास कर रहा है और इस संदर्भ में उसे यूरोपीय संघ के अन्य सदस्य देशों के समर्थन की जरूरत है.

मर्केल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वारड्कर ने आयरलैंड के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए जर्मनी का आभार जताया और कहा कि ब्रेक्जिट वार्ता के दौरान मर्केल आयरलैंड के लिए बहुत मजबूत सहयोगी रही हैं.