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राजस्थान में कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में सीएम गहलोत-पायलट को ठहराया जिम्मेदार

राजस्थान के गंगानगर के रायसिहं नगर इलाके में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. उसने सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट को जिम्मेदार बताया है.

News Nation Bureau
| Edited By :
25 Jun 2019, 12:02:45 AM (IST)

highlights

  • राजस्थान में कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या
  • सुसाइड नोट में सीएम गहलोत और सचिन पायलट को बताया जिम्मेदार
  • राज्य सरकार ने किसान आत्महत्या मामले की जांच के आदेश दिए

नई दिल्ली:

राजस्थान के गंगानगर के रायसिहं नगर इलाके में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. श्रीगंगनगर के रायसिंहनगर इलाके के ठाकरी गांव के रहने वाले किसान सोहनलाल मेघवाल ने सुसाइड करने से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और इसके साथ ही सुसाइड नोट लिखा. इस नोट में उसने मौत का जिम्मेदार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को ठहराया है.

मृतक किसान ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि विधानसभा चुनाव में किसानों की कर्जमाफी का वादा किया लेकिन निभाया नहीं. मेरी लाश तब तक नहीं उठाना जब तक सभी किसानों का कर्जामाफ न कर दे.

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बता दें कि सोहनलाल ने अपने ही घर में जहरीला पदार्थ खा लिया था. जिससे गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया. हालत गंभीर होने पर उसे श्रीगंगानगर रेफर लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया.

सोहन लाल ने सुसाइड नोट कुछ इस तरह लिखा था-
मैं सोहनलाल कड़ेला आज अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा हूं. इसमें किसी का कोई दोष नहीं है. इस मौत के जिम्मेदार गहलोत,सचिन पायलट हैं. उन्होंने वायदा किया था कि दस दिन में आपका कर्जा माफ कर देंगे, हमारी सरकार हमारी सरकार आई तो अब इनके वादे का क्या हुआ. सभी किसान भाइयों से विनती है कि मेरी लाश तब तक मत उठाना जब तक सभी किसानों का कर्ज माफ ना हो. आज सरकार को झुकाने का वक्त आ गया है. अब इनका मतलब निकल गया है. सभी भाइयों से विनम्र निवेदन है कि सब किसान भाइयों के लिए मरने जा रहा हूं. सबका भला होना चाहिए किसान की एकता को आज दिखाना है. मेरी मौत का मुकदमा अशोक गहलोत पर कर देना. मेरे गांव ठाकरी के वासियों से भी विनती करता हूं कि गांव में एकता बनाए रखना. मेरा घर मेरा परिवार आप लोगों के भरोसे छोड़ कर जा रहा हूं. मेरे परिवार का ख्याल रखना एक बात और अब की बार सरपंची गांव में रखना. यह विनती है मेरी आपका सोहन लाल कड़ेला.

वहीं, गंगानगर के एसडीएम का कहना है कि किसान ने किसी के दबाव में यह कदम उठाया है.जांच में पाया गया है कि किसान ने किसी के दबाव में आकर ऐसा कदम उठाया है. वह डिफॉल्टर नहीं था और समय से अपना कर्ज चुका रहा था. इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा सख्त कार्रवाई की जाएगी.