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महिला दिवस पर शिवराज सिंह का तोहफा, 100 करोड़ रुपए की लागत से शुरू होगा नारी कोष

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International women’s Day) के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. शिवराज सिंह चौहान ने सुबह ट्वीट कर महिला दिवस की बधाई दी थी.

News Nation Bureau
| Edited By :
08 Mar 2021, 06:39:02 PM (IST)

भोपाल :

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International women’s Day) के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. शिवराज सिंह चौहान ने सुबह ट्वीट कर महिला दिवस की बधाई दी थी. उन्होंने लिखा था, ” मैं प्रदेश की अपनी बहनों के जीवन को सरल, सुगम और आनंददायी बनाने के लिए अनवरत प्रयत्नशील हूं. आपके हर सुख-दु:ख में मैं शामिल हूं, साथ हूं. आपको सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना ही ध्येय है और इसी में मेरे जीवन की सार्थकता है. InternationalWomensDay की आप सबको शुभकामनाएं!”

शिवराज सिंह चौहान सरकार ने फैसला किया है कि महिला सफाईकर्मियों को सप्ताह में एक दिन की छुट्टी दी जाएगी. इसके साथ ही 100 करोड़ की लागत से नारी कोष शुरू किया जाएगा. सीएम शिवराज की स्वसहायता समूहों के लिए बड़ी घोषणा की है.  स्वसहायता समूहों  से अब दो परसेंट ब्याज पर ही कर्ज दिया जाएगा.  बता दें कि अभी तक चार फीसदी ब्याज ऋण पर मिलता था. 

इसी के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम विधानसभा में पारित हो गया. इस क़ानून के तहत अब आजीवन कारावास की सज़ा दोषियों को मिलेगी. शिवराज सिंह चौहान ने 100 करोड़ रुपए की लागत से नारी कोष शुरू करने की घोषना की. उन्होने कहा मैं आज फैसला कर रहा हूं, यह तत्काल लागू होगा, जितनी भी महिला सफाईकर्मी काम करती हैं, उनको एक दिन की छुट्टी दी जाए.

महिला सफाईकर्मियों के साथ उन्होंने सुबह झाड़ू लगाया. इसके साथ उन्होंने कहा, “आज महिलाएँ सफाई करने से लेकर अंतरिक्ष तक में जा रही हैं. वे हर काम बखूबी करना जानती हैं. कई बार पुरुषों की अकड़ बहनों को पीछे रखती है. आज महिला दिवस पर मैं आश्वस्त करना हता हूँ कि इन सफाईकर्मी बहनों के कल्याण के लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा.”

उन्होने आगे बताया कि बेटियों के अपहरण और उनके गायब होने की घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया गया है. राज्य सरकार ने मुस्कान अभियान चलाकर अब तक ऐसी 9000 से अधिक बेटियों को चंगुल से छुड़ाया है. महिलाओं के नाम से  रजिस्ट्री करवाने को लेकर रजिस्ट्री फ़ीस में छूट दी जाएगी. दो प्रतिशत की छूट दी जाएगी. बेटियों को करियर काउसलिंग की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही बेटियों को ड्राइविंग प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाएगा. जिला स्तर पर शासकीय कैंटीन चलाने का काम भी महिलाएँ करेंगी. इसके साथ ही उन्होने कहा कि जिस गाँव में बेटी और बेटे के जन्म का आँकड़ा बराबर होगा ऐसे गाँव को लगातार तीन वर्ष तक ऐसा ही होने पर विकास के लिए दो लाख रु दिए जाएँगे.