क्या हर 27 दिन में पूरी नई हो जाती है आपकी स्किन? आयुर्वेद से जानिए त्वचा से जुड़े गहरे राज

क्या हर 27 दिन में पूरी नई हो जाती है आपकी स्किन? आयुर्वेद से जानिए त्वचा से जुड़े गहरे राज

क्या हर 27 दिन में पूरी नई हो जाती है आपकी स्किन? आयुर्वेद से जानिए त्वचा से जुड़े गहरे राज

author-image
IANS
New Update
क्या हर 27 दिन में पूरी नई हो जाती है आपकी स्किन? आयुर्वेद से जानिए त्वचा से जुड़े गहरे राज

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हमारी स्किन बदलती रहती है। आज आप आईने में खुद को जैसा देखते हैं, वैसे न तो आप पहले दिखते थे और न ही भविष्य में दिखेंगे। उम्र के साथ हमारी त्वचा भी बदलती रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि हर 27 से 30 दिन में आपकी त्वचा अपने आप पूरी तरह से नई हो जाती है?

Advertisment

आयुर्वेद की मानें तो हमारी त्वचा इतनी चतुराई से काम करती है कि हर 27 से 30 दिन में लगभग पूरी तरह नई हो जाती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में एपिडर्मल टर्नओवर साइकिल कहते हैं। इसका मतलब है कि जो आप आज अपनी त्वचा में देख रहे हैं, वह कल बिल्कुल वैसी नहीं रहेगी।

आयुर्वेद में भी त्वचा को बहुत महत्व दिया गया है। इसे केवल सुंदरता की चीज नहीं माना गया, बल्कि यह हमारे शरीर की सबसे बड़ी ढाल है। सूरज की हानिकारक किरणें, धूल, बैक्टीरिया और रसायन ये सब हमारी त्वचा से टकराकर शरीर तक नहीं पहुंच पाते। इसमें मौजूद मेलानोसाइट्स नाम की कोशिकाएं मेलेनिन बनाती हैं, जो सूरज की किरणों से बचाव करती हैं।

आपकी त्वचा सिर्फ दिखने के लिए नहीं है, यह आपकी सेहत की भी सुरक्षा करती है। स्वेद ग्रंथियां हर दिन 1 से 2 लीटर तक पसीना निकालती हैं। यह शरीर को ठंडा रखती है और साथ ही अंदर से सफाई भी करती है, इसलिए योग, व्यायाम जैसी आदतें न सिर्फ शरीर बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी हैं।

रात का समय त्वचा के लिए बहुत खास होता है। दिनभर की धूल, तनाव और सूरज की किरणों के बाद रात में आपकी त्वचा खुद को फिर से बनाती है। नए कोलेजन और इलास्टिन का निर्माण होता है, इसलिए कहते हैं कि अच्छी स्किन के लिए अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है।

आहार का भी बहुत असर पड़ता है। विटामिन ए, सी, ई और जिंक से भरपूर चीजें जैसी आंवला, गाजर, पपीता, बादाम और तुलसी त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। इस वजह से आयुर्वेद में इन्हें त्वच्य औषधि कहा गया है।

तनाव, धूम्रपान और नींद की कमी आपकी त्वचा की सेल मेमोरी पर असर डाल सकती है। इसका मतलब है कि आपकी त्वचा ये सब याद रखती है और बाद में झुर्रियों, सूखापन या दाग के रूप में दिखा सकती है।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment